जामिया के छात्रों की भूख हड़ताल को नजरअंदाज न करे सरकार, छात्रसंघ तत्काल बहाल हो: मुहम्मद अहमद
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लखनऊ | Triangle News Lucknow
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पीसीसी सदस्य मुहम्मद अहमद ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे छात्रों के समर्थन में बयान जारी किया है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने तथा छात्रसंघ को तत्काल बहाल करने की अपील की।
मुहम्मद अहमद के अनुसार, छात्र 10 अक्टूबर 2026 से छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और विश्वविद्यालय प्रशासन को इस मुद्दे पर जल्द सकारात्मक कदम उठाने चाहिए।
छात्र राजनीति को कमजोर करने का लगाया आरोप
मुहम्मद अहमद ने आरोप लगाया कि देशभर में छात्र राजनीति को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे विश्वविद्यालय परिसरों में छात्रों की भागीदारी और उनके हितों से जुड़े मुद्दे प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रसंघ विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं उठाने, लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने और विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखने का मंच प्रदान करता है। ऐसे में छात्रसंघ की बहाली पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने छात्रों को समर्थन देने की बात कही
कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा छात्रों के हितों और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन में खड़ी रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और राहुल गांधी छात्रों की मांगों के साथ हैं।
मुहम्मद अहमद ने सरकार और जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन से अपील की कि भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की मांगों पर संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाए और छात्रसंघ की बहाली की दिशा में जल्द निर्णय लिया जाए।
मुख्य मांग: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ की बहाली और भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की मांगों पर तत्काल विचार।
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नोट: यह समाचार कांग्रेस नेता मुहम्मद अहमद द्वारा जारी बयान पर आधारित है। इसमें व्यक्त आरोपों और राजनीतिक दावों को उनके वक्तव्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है।