अयोध्या अस्पताल में मरीज को जमीन पर घसीटने का वीडियो वायरल, जांच के लिए टीम गठित
Triangle News
अयोध्या के जिला अस्पताल से सामने आए एक वीडियो ने मरीजों की देखभाल और अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक लावारिस मरीज को स्ट्रेचर या व्हीलचेयर की मदद से ले जाने के बजाय जमीन पर घसीटकर बाहर ले जाते हुए देखा जा रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने घटना पर नाराजगी जताई और अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की। लोगों का कहना है कि मरीज की हालत कैसी भी हो, उसे इस तरह जमीन पर ले जाना उचित नहीं है।
अस्पताल ने कहा- मरीज को ले जाने वाला कर्मचारी नहीं
अस्पताल प्रशासन ने मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि वीडियो में मरीज को ले जाता दिखाई दे रहा व्यक्ति अस्पताल का कर्मचारी नहीं है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के मुताबिक, यह घटना सोमवार की बताई जा रही है।
अधिकारी के अनुसार, करीब 45 वर्षीय इस मरीज को दो दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया गया कि मरीज शराब का सेवन करता था और उसे चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल की लैब में ले जाया गया था।
जांच पूरी होने के बाद मरीज कथित तौर पर खुद वहां से बाहर जाने लगा। इसी दौरान वह एक अन्य मरीज के साथ आए तीमारदार के संपर्क में आया। वीडियो में वही व्यक्ति मरीज को जमीन पर घसीटते हुए दिखाई दे रहा है।
स्टाफ ने देखा तो मरीज को वापस वार्ड में पहुंचाया
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, मरीज को इस तरह बाहर जाते हुए अस्पताल के कर्मचारियों ने देखा। इसके बाद उसे दोबारा लावारिस मरीजों के लिए बने वार्ड में पहुंचाया गया।
अस्पताल की ओर से कहा गया है कि शुरुआती जानकारी के अनुसार मरीज को जमीन पर घसीटकर ले जाने में अस्पताल के किसी कर्मचारी की भूमिका सामने नहीं आई है। हालांकि, वीडियो के सामने आने के बाद अस्पताल में ऐसे मरीजों की निगरानी और देखभाल की व्यवस्था को लेकर सवाल जरूर उठ रहे हैं।
जांच के लिए गठित की गई टीम
वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि मरीज अस्पताल परिसर से किस तरह बाहर पहुंचा और उसे जमीन पर ले जाने की स्थिति क्यों बनी।
प्रशासन की जांच के बाद घटना से जुड़े तथ्यों और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
समाजसेवी संगठनों ने जताई नाराजगी
मामला सामने आने के बाद स्थानीय समाजसेवी संगठनों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। संगठनों से जुड़े लोगों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती किसी भी मरीज के साथ अमानवीय व्यवहार नहीं होना चाहिए।
समाजसेवी संगठनों ने जिला प्रशासन के समक्ष शिकायत करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करने की बात कही है। उनका कहना है कि जांच में यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए।