वाराणसी पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल सख्त: हर थाने से रात में 25% पुलिस बल करेगा गश्त, जनशिकायतों में लापरवाही पर होगी जवाबदेही
Triangle News
विशेष रिपोर्ट
Ajit Atul Singh
उत्तर प्रदेश/वाराणसी। वाराणसी में जनसुनवाई की गुणवत्ता सुधारने, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। 30 अक्टूबर 2026 को समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों के साथ आयोजित गोष्ठी में उन्होंने जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण से लेकर रात्रि गश्त और लंबित विवेचनाओं तक की विस्तृत समीक्षा की।

पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि आमजन की शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जनसुनवाई में लापरवाही और शिकायतों के निस्तारण में देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।
जनशिकायतों पर विशेष जोर, शिकायतकर्ता से लिया जाएगा फीडबैक
पुलिस आयुक्त ने सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्धारित समय पर कार्यालयों में उपस्थित रहकर नियमित जनसुनवाई करने के निर्देश दिए। थाने और चौकी पर पहुंचने वाले प्रत्येक फरियादी की बात ध्यानपूर्वक सुनने और उसकी हरसंभव सहायता करने को कहा गया।
IGRS, जनसुनवाई, मुख्यमंत्री संदर्भ, PG पोर्टल सहित अन्य माध्यमों से मिलने वाली शिकायतों का निर्धारित समयसीमा में निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। शिकायत के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक लेने पर भी विशेष जोर दिया गया, ताकि कार्रवाई की गुणवत्ता और पीड़ित की संतुष्टि का आकलन हो सके।
भूमि विवाद और संवेदनशील मामलों पर रहेगी विशेष नजर
स्थानीय और भूमि विवादों के मामलों में संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिए कि संवेदनशील विवादों की समय रहते पहचान कर आवश्यक निरोधात्मक कदम उठाए जाएं, जिससे छोटी घटनाएं कानून-व्यवस्था की समस्या न बनें।
यक्ष एप पर दर्ज बीट सूचनाओं का नियमित विश्लेषण कर संभावित विवादों, संवेदनशील व्यक्तियों और स्थानों की पहचान करने तथा शांति भंग की आशंका वाले मामलों में प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
अपराधियों पर निगरानी, चेन स्नैचिंग और चोरी पर सख्ती
अपराध नियंत्रण के लिए जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट क्राइम की नीति के तहत चेन स्नैचिंग, छेड़खानी, चोरी और नकबजनी जैसी घटनाओं में त्वरित एवं समयबद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
आदतन और सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने तथा उनकी नियमित विधिक मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। अपराधों की रोकथाम और घटनाओं के अनावरण के लिए क्षेत्र में सतर्क पुलिसिंग और प्रभावी निगरानी पर जोर दिया गया।
हर थाने से रात में 25 प्रतिशत पुलिस बल करेगा गश्त
गोष्ठी का सबसे अहम निर्देश रात्रि गश्त को लेकर रहा। पुलिस आयुक्त ने आदेश दिया कि प्रत्येक थाने से रात के समय उपलब्ध पुलिस बल का न्यूनतम 25 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से गश्त पर निकले।
इसके साथ ही शाम के समय सड़कों, प्रमुख सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया। अपराध संभावित क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर नियमित गश्त तथा संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए।
जाम और अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए थाना पुलिस और यातायात पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा गया। प्रमुख चौराहों, मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अनावश्यक जाम की स्थिति रोकने के निर्देश दिए गए।
यातायात बाधित करने वाले अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर प्रभावी कार्रवाई करने और जाम के कारणों का स्थायी समाधान तलाशने पर भी जोर दिया गया।
लंबित विवेचनाएं 60 और 90 दिन में निपटाने के निर्देश
पुलिस आयुक्त ने लंबित विवेचनाओं की नियमित समीक्षा कर निर्धारित 60 और 90 दिनों की समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। विवेचना में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। साक्ष्यों का संकलन और सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए।
विवेचकों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
पुलिस आयुक्त का स्पष्ट संदेश है कि जनसुनवाई, अपराध नियंत्रण, रात्रि गश्त और विवेचनाओं के निस्तारण में जवाबदेही तय होगी। अब इन निर्देशों का असर वाराणसी की जमीनी पुलिसिंग और आमजन की समस्याओं के समाधान में कितना दिखाई देता है, यह देखने वाली बात होगी।
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