लखनऊ पुलिस की दो बड़ी कामयाबी: पीजीआई पुलिस ने गुमशुदा वृद्धा को परिवार से मिलाया, कृष्णानगर साइबर टीम ने ₹7.80 लाख वापस कराए
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रिपोर्ट: Rajesh Saxena | Prashant Yadav

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में दक्षिणी जोन की पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में सराहनीय कार्रवाई की है। पीजीआई थाना पुलिस ने रास्ते में मिली एक गुमशुदा वृद्ध महिला की पहचान कर उन्हें उनके बेटे के सुपुर्द किया, जबकि कृष्णानगर थाने की साइबर पुलिस टीम ने तकनीकी त्रुटि के कारण दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर हुई ₹7,80,026 की पूरी धनराशि वापस कराने में सफलता हासिल की।
1. पीजीआई पुलिस ने वृद्ध महिला को परिवार से मिलाया
पुलिस के मुताबिक, 27 अक्टूबर 2026 को डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली कि रायबरेली रोड स्थित साउथ सिटी में साहू एजेंसी के सामने लगभग 70 से 75 वर्ष की एक वृद्ध महिला बैठी हैं। महिला चलने-फिरने में असमर्थ थीं और अपना पता स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रही थीं।
सूचना मिलने पर बीट आरक्षी राहुल सिंह और महिला कांस्टेबल सोनल मौके पर पहुंचे। बातचीत के दौरान महिला ने अपना नाम शांति देवी और पति का नाम प्यारे लाल वर्मा बताया। वह अपने निवास के बारे में पूरी जानकारी नहीं दे पा रही थीं। उन्होंने गांव के प्रधान का नाम गुड्डन, चंडीगढ़ में रहने और दवा लेने के सिलसिले में गड़वारा बाजार जाने का उल्लेख किया।
पुलिस टीम ने गूगल और सी-प्लान ऐप की मदद से जानकारी जुटाई। जांच में गड़वारा बाजार का संबंध प्रतापगढ़ जिले के थाना अंतू क्षेत्र से मिला। इसके बाद स्थानीय पुलिस से संपर्क कर महिला की तस्वीर आसपास के गांवों में भेजी गई। प्रयासों के बाद महिला की पहचान शिवपुरा गांव की निवासी के रूप में हुई और उनके बेटे रामकुमार वर्मा का संपर्क नंबर प्राप्त हुआ।
पुलिस के अनुसार, रामकुमार वर्मा ने बताया कि करीब एक-दो महीने पहले वह अपनी मां का इलाज कराने चंडीगढ़ गए थे। इसी दौरान उनकी मां घरवालों को बिना बताए कहीं चली गई थीं। काफी तलाश के बाद भी उनका पता नहीं चला था और गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।
28 अक्टूबर 2026 को पीजीआई पुलिस ने शांति देवी को उनके बेटे रामकुमार वर्मा के सुपुर्द कर दिया। परिवार ने पुलिस के प्रयासों की सराहना की।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह, आरक्षी राहुल सिंह और महिला कांस्टेबल सोनल शामिल रहे।
2. कृष्णानगर साइबर टीम ने वापस कराए ₹7,80,026
दूसरे मामले में कृष्णानगर थाने की साइबर पुलिस टीम ने तकनीकी त्रुटि के कारण गलत बैंक खाते में स्थानांतरित हुई ₹7,80,026 की पूरी रकम वापस कराने में सफलता प्राप्त की।
पुलिस के अनुसार, 10 अक्टूबर 2026 को ऋषि भोला द्वारा संचालित मैनपावर सप्लाई कंपनी पीआर सर्विसेज की ओर से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि एक कर्मचारी का ₹7,826 वेतन ट्रांसफर करते समय तकनीकी त्रुटि के कारण ₹7,80,026 दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में स्थानांतरित हो गए।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कृष्णानगर साइबर पुलिस टीम ने संबंधित बैंक से संपर्क किया और खाते में उपलब्ध धनराशि को फ्रीज कराया। इसके बाद बैंक से मिली जानकारी के आधार पर संबंधित खाताधारक से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक, पूरी धनराशि सफलतापूर्वक वापस करा दी गई।
रकम वापस मिलने पर शिकायतकर्ता ने पुलिस टीम की सराहना की।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक प्रद्युम्न कुमार सिंह, साइबर हेल्प डेस्क प्रभारी उपनिरीक्षक शिवम चौधरी, महिला कांस्टेबल रीतिमा अग्रिहोत्री और महिला कांस्टेबल अंशिका शर्मा शामिल रहीं।
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में कार्रवाई पुलिस आयुक्त तरुण गाबा और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में की गई। वृद्ध महिला को परिवार से मिलाने और गलती से दूसरे खाते में पहुंची धनराशि वापस कराने की इन घटनाओं से पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जनसहायता की भूमिका सामने आती है।
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