सपना गोयल की अगुआई में ऋषिकेश के तीन घाटों पर गूंजेगा सुंदरकांड
Triangle News
रिपोर्ट: नीतू सिंह | Triangle News Lucknow
लखनऊ। सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल की अगुआई में संचालित “सुंदरकांड महा अभियान, भारतवर्ष की बने पहचान” के तहत नवंबर में ऋषिकेश के तीन प्रमुख घाटों पर सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में शुक्रवार, 9 अक्टूबर को चिनहट स्थित सनातन धाम लॉन में आयोजित मासिक आध्यात्मिक संगोष्ठी में कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की गई। संगोष्ठी में कार्तिक माह में ऋषिकेश तीर्थाटन के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
तीन दिन, तीन घाट और सामूहिक सुंदरकांड पाठ
सपना गोयल ने बताया कि ऋषिकेश तीर्थयात्रा के दौरान तीन अलग-अलग स्थानों पर सामूहिक सुंदरकांड पाठ आयोजित किया जाएगा।
- 18 नवंबर 2026: शाम 5 बजे जानकी झूला घाट पर।
- 19 नवंबर 2026: दोपहर 1 बजे त्रिवेणी घाट पर।
- 20 नवंबर 2026: सुबह 11 बजे परमार्थ निकेतन के पास।
उन्होंने कहा कि इन आयोजनों का उद्देश्य आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देने के साथ भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और राष्ट्र उत्थान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।
कार्तिक माह में तीर्थाटन का विशेष महत्व
सपना गोयल के अनुसार, 18 नवंबर को आंवला नवमी और 20 नवंबर को हरिप्रबोधिनी एकादशी के अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे पावन अवसरों पर सामूहिक सुंदरकांड पाठ आध्यात्मिक जागरूकता और सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार का माध्यम बन सकता है।
उन्होंने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत को उसकी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से पुनः विश्व गुरु के रूप में प्रतिष्ठित करने के संकल्प को मजबूत करना है।
पांच हजार महिलाओं ने किया था सामूहिक सुंदरकांड
सपना गोयल ने बताया कि ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति के माध्यम से इस अभियान के अंतर्गत कई बड़े धार्मिक आयोजन किए जा चुके हैं। 10 मार्च 2024 को महिला दिवस के अवसर पर लखनऊ के झूलेलाल घाट पर पांच हजार से अधिक महिलाओं ने सामूहिक सुंदरकांड पाठ में भाग लिया था। इसके बाद 23 जून 2024 को नैमिषारण्य में भी पांच हजार महिलाओं की सहभागिता के साथ सामूहिक सुंदरकांड महायज्ञ आयोजित किया गया।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत कोटद्वार स्थित सिद्धबली मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, हरिद्वार की हर की पौड़ी, रुड़की के महादेव मंदिर, चित्रकूट के रामघाट, प्रयागराज के लेटे हनुमान मंदिर और कानपुर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर भी सुंदरकांड पाठ आयोजित किए जा चुके हैं।
मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर में डेढ़ हजार से अधिक महिलाओं ने सामूहिक सुंदरकांड पाठ किया था। वहीं, 11 सितंबर 2024 से अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर में मासिक सुंदरकांड पाठ का सिलसिला शुरू होने की जानकारी भी दी गई।
सनातन संस्कृति और राष्ट्र उत्थान का संकल्प
सपना गोयल ने कहा कि सुंदरकांड महा अभियान का उद्देश्य धार्मिक आस्था को सामाजिक एकजुटता और राष्ट्र उत्थान से जोड़ना है। ऋषिकेश में प्रस्तावित तीन दिवसीय आयोजन के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को सनातन परंपराओं से जोड़ने और आध्यात्मिक चेतना का संदेश प्रसारित करने का प्रयास किया जाएगा।
रिपोर्ट: नीतू सिंह | Triangle News Lucknow