लखनऊ में बाढ़ के बाद नगर निगम का एक्शन तेज, लोहरामऊ-दाउदनगर पहुंचे नगर आयुक्त गौरव कुमार
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Report: Rajesh Saxena | Manya Saxena
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लखनऊ। गोमती नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब सफाई, जलनिकासी और मच्छर नियंत्रण अभियान तेज किया जा रहा है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने गुरुवार को फैजुल्लागंज क्षेत्र के लोहरामऊ और दाउदनगर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में राहत एवं सफाई कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जलस्तर कम होने के बाद सड़कों, गलियों और नालियों में जमा मिट्टी, कीचड़ और गंदगी को प्राथमिकता से हटाया जाए। साथ ही, नालों और सेप्टिक टैंकों की सफाई कर जलनिकासी व्यवस्था सुचारु रखी जाए। बाढ़ प्रभावित परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया।
60 पंपों से जलनिकासी, 12 मशीनों से सिल्ट की सफाई
नगर निगम की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जोन-3 और जोन-6 में जलभराव दूर करने के लिए कुल 60 पंप लगाए गए हैं। इनमें फैजुल्लागंज के जोन-3 में 48 पंप और जोन-6 में 12 डीजल पंपों से पानी निकालने का कार्य किया जा रहा है।
इसके अलावा, 12 टीएमएक्स डिसिल्टिंग मशीनों के माध्यम से नालों में जमा सिल्ट निकालने और सफाई का काम कराया जा रहा है। जिन स्थानों पर पानी कम हो गया है, वहां मड पंपों की सहायता से कीचड़ और सिल्ट हटाकर गलियों एवं रास्तों को आवागमन योग्य बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
67 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से एंटी लार्वा छिड़काव
बाढ़ के बाद मच्छरों के प्रजनन पर नियंत्रण के लिए नगर निगम ने फैजुल्लागंज क्षेत्र में तीन ड्रोन की मदद से लगभग 67 एकड़ क्षेत्र में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया है। इसके साथ पांच मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों और 15 बैटरी चालित एंटी लार्वा मशीनों का उपयोग किया जा रहा है।
जोन-3 में चार बड़ी और 10 छोटी फॉगिंग मशीनों के अलावा छह टैंकरों से सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव कराया जा रहा है। वहीं, जोन-6 में सात बड़ी और 24 छोटी फॉगिंग मशीनों के जरिए मच्छर नियंत्रण का अभियान चलाया जा रहा है।
करीब 22 किलोमीटर गलियों में फॉगिंग
नगर निगम के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में करीब 22 किलोमीटर की गलियों में फॉगिंग कराई गई है। प्रभावित बस्तियों में नियमित सफाई के साथ ब्लीचिंग पाउडर, चूना, मैलाथियान और एंटी लार्वा का इस्तेमाल भी किया जा रहा है, ताकि मच्छरों के प्रकोप और मच्छरजनित बीमारियों की आशंका को कम किया जा सके।
घर-घर कूड़ा उठान के लिए 176 थ्री-व्हीलर तैनात
सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 176 थ्री-व्हीलर वाहनों से घर-घर कूड़ा एकत्र किया जा रहा है। इसके अलावा लगभग 55 टाटा ऐस वाहन, आठ ट्रैक्टर और आठ मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें भी लगाई गई हैं।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलनिकासी, डीसिल्टिंग, कूड़ा उठान और सफाई कार्यों की नियमित निगरानी की जाए, ताकि बाढ़ प्रभावित इलाकों में जनजीवन सामान्य बनाने में तेजी लाई जा सके।
स्वच्छ पेयजल और जनस्वास्थ्य पर विशेष जोर
बाढ़ प्रभावित परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना और सफाई व्यवस्था बनाए रखना नगर निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे जलभराव वाले स्थानों पर कूड़ा न डालें और पेयजल की स्वच्छता संबंधी सावधानियों का पालन करें।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि नगर निगम के इन अभियानों से प्रभावित क्षेत्रों में जलनिकासी, सफाई और मच्छर नियंत्रण की व्यवस्था कितनी प्रभावी होती है।
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