22 महीने में रकम दोगुनी करने का लालच देकर 1,000 करोड़ से अधिक की ठगी का आरोप, Canwinn ग्रुप के खिलाफ बरेली में 102वां मुकदमा दर्ज
Triangle News
विशेष रिपोर्ट
Anita srivastava
उत्तर प्रदेश/बरेली। निवेश पर महज 22 महीने में रकम दोगुनी करने का लालच देकर देशभर के हजारों निवेशकों से कथित तौर पर 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का मामला एक बार फिर चर्चा में है। Canwinn/Canwiz ग्रुप से जुड़े इस कथित पोंजी घोटाले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे कन्हैया गुलाटी की तलाश अब भी जारी है। आरोप है कि वह उत्तर प्रदेश पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर है।
बरेली में धोखाधड़ी का 102वां मुकदमा दर्ज
इस मामले में बरेली के बिथरी चैनपुर थाने में धोखाधड़ी का 102वां मुकदमा दर्ज किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत के निर्देश के बाद पुलिस ने फरार कन्हैया गुलाटी, उसकी पत्नी राधा गुलाटी और कंपनी के एक प्रमुख एजेंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
मां और दो बेटों से 75 लाख रुपये की ठगी का आरोप
नए मुकदमे में एक पीड़ित मां और उसके दो बेटों से कथित तौर पर 75 लाख रुपये की ठगी किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर नए सिरे से जांच शुरू कर दी है।
हजारों निवेशकों की रकम पर सवाल
आरोप है कि निवेशकों को कम समय में रकम दोगुनी करने का भरोसा देकर बड़ी संख्या में लोगों से पैसा जमा कराया गया। अब इस मामले में निवेशकों की रकम, कंपनी के नेटवर्क, एजेंटों की भूमिका और कथित लेन-देन की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
फरार आरोपियों की तलाश और जांच पर नजर
बरेली में नया मुकदमा दर्ज होने के बाद एक बार फिर इस कथित घोटाले की जांच और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की आगे की कार्रवाई से यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और निवेशकों की रकम कहां-कहां भेजी गई।
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