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आईसीसीएमआरटी को मिली नई सौगात: डिजिटल लाइब्रेरी, अत्याधुनिक जिम और कॉन्फ्रेंस हॉल का लोकार्पण, 150 किलो क्षमता वाले ड्रोन प्रशिक्षण की शुरुआत

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आईसीसीएमआरटी को मिली नई सौगात: डिजिटल लाइब्रेरी, अत्याधुनिक जिम और कॉन्फ्रेंस हॉल का लोकार्पण, 150 किलो क्षमता वाले ड्रोन प्रशिक्षण की शुरुआत

विशेष रिपोर्ट | अनुराग सिंह बिष्ट

राजधानी / लखनऊ | Triangle News Lucknow

लखनऊ, 02 नवंबर 2026। इंस्टीट्यूट ऑफ को-ऑपरेटिव एंड कॉरपोरेट मैनेजमेंट रिसर्च एंड ट्रेनिंग (आईसीसीएमआरटी), लखनऊ में सोमवार को सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक एवं सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डिजिटल लाइब्रेरी, अत्याधुनिक जिम और डिजिटल कॉन्फ्रेंस हॉल का लोकार्पण किया। इस अवसर पर भारत सरकार के नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से अनुमोदित 150 किलोग्राम तक की क्षमता वाले मीडियम कैटेगरी ड्रोन पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया गया।

समारोह के दौरान सहकारिता मंत्री ने आईसीसीएमआरटी में प्रशिक्षित एम-पैक्स से जुड़ी महिलाओं को ड्रोन पायलट प्रशिक्षण के प्रमाणपत्र प्रदान किए। उन्होंने इसे महिलाओं के सशक्तीकरण और रोजगार के नए अवसरों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

तकनीक और एआई के साथ आगे बढ़ने का आह्वान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि वर्तमान समय तकनीक और नवाचार का है। विद्यार्थियों को बदलते दौर के अनुरूप स्वयं को तैयार करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल टूल्स में दक्षता हासिल करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में व्यावहारिक समझ, त्वरित एवं सटीक निर्णय लेने की क्षमता और सकारात्मक सोच का भी विकास होना आवश्यक है।

मंत्री ने डिजिटल संसाधनों के जिम्मेदार इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग राष्ट्र निर्माण और समाज के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से बिना किसी व्यक्तिगत श्रेय की अपेक्षा किए निस्वार्थ भाव से देश और समाज की प्रगति में योगदान देने की अपील की।

747 महिलाओं को पहले ही मिल चुका है ड्रोन प्रशिक्षण

ड्रोन पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपलब्धियों और विस्तार की जानकारी देते हुए सहकारिता मंत्री ने बताया कि आईसीसीएमआरटी द्वारा पहले 25 किलोग्राम तक की क्षमता वाले ड्रोन पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 747 महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

अब डीजीसीए से 150 किलोग्राम क्षमता वाले मीडियम कैटेगरी ड्रोन प्रशिक्षण की अनुमति मिलने से युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

इस प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिस, अग्निशमन विभाग, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) सहित विभिन्न सरकारी विभागों के कार्मिकों को भी आधुनिक ड्रोन तकनीक में प्रशिक्षित किया जा सकेगा।

पैक्स को मिलेंगे ड्रोन और ई-रिक्शा, कृषि क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा

सहकारिता मंत्री ने बताया कि योजना के प्रथम चरण में प्रत्येक मंडलीय जिले की एक-एक पैक्स को ड्रोन और ई-रिक्शा उपलब्ध कराया जा रहा है। आगामी चरणों में इसका विस्तार जनपदों और तहसीलों तक किया जाएगा।

इस पहल से कृषि प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा सहकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय से संबद्धता, शुरू होंगे नए पाठ्यक्रम

कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री ने एक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि आईसीसीएमआरटी को गुजरात के आनंद स्थित त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त हो गई है।

इस संबद्धता के तहत संस्थान में एमबीए-कोऑपरेटिव, एमबीए-एग्रीकल्चर और बीबीए-कोऑपरेटिव एंड फाइनेंस जैसे विशेष डिग्री पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा 50 से अधिक सर्टिफिकेट कोर्स भी प्रारंभ किए जा रहे हैं।

इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य सहकारिता क्षेत्र और बैंकिंग संस्थानों से जुड़े कर्मचारियों की कार्यक्षमता, व्यावसायिक दक्षता तथा प्रबंधन कौशल को बेहतर बनाना है।

अधिकारियों ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव सहकारिता अजय कुमार शुक्ला ने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता कुमार प्रशांत ने संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं, संस्थान के निदेशक राजीव यादव ने आईसीसीएमआरटी की प्रगति आख्या प्रस्तुत की।

समारोह में अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक (प्रशासन) अनिल कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक (पीसीएफ) नीरज शुक्ला, उच्च न्यायालय के अधिवक्ता शैलेंद्र शर्मा ‘अटल’, विभिन्न सहकारी संस्थाओं के अधिकारी, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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