शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 |

क्या अमेरिका बंद करेगा H-1B वीजा? 365 दिनों में बड़े बदलाव के संकेत, भारतीय IT प्रोफेशनल्स पर क्या होगा असर

Triangle News

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क्या अमेरिका बंद करेगा H-1B वीजा? 365 दिनों में बड़े बदलाव के संकेत, भारतीय IT प्रोफेशनल्स पर क्या होगा असर

H-1B Visa News: अमेरिका में H-1B वीजा कार्यक्रम को लेकर नई बहस तेज हो गई है। अमेरिकी श्रम विभाग के इंस्पेक्टर जनरल एंथनी डी’एस्पोसिटो ने संकेत दिया है कि अगले 365 दिनों में विदेशी श्रमिकों से जुड़े वीजा सिस्टम का स्वरूप काफी बदल सकता है। उनके बयान ऐसे समय आए हैं, जब अमेरिकी एजेंसियां H-1B और अन्य विदेशी श्रम कार्यक्रमों में कथित धोखाधड़ी और नियमों के उल्लंघन की जांच तेज कर रही हैं।

हालांकि, अभी तक अमेरिका ने H-1B वीजा कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने का कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया है। इसलिए मौजूदा स्थिति को पूरी तरह वीजा बंद होने की घोषणा के तौर पर देखना सही नहीं होगा।

365 दिनों में बदल सकता है H-1B सिस्टम

डी’एस्पोसिटो ने हाल में कहा कि विदेशी श्रमिकों से जुड़ा वीजा कार्यक्रम एक साल बाद आज की तुलना में काफी अलग दिखाई दे सकता है। उन्होंने जांच के दौरान जारी किए गए सबपोनास और सर्च वारंट का भी उल्लेख किया है।

अमेरिकी श्रम विभाग के इंस्पेक्टर जनरल कार्यालय ने 2026 में H-1B से जुड़े कथित फर्जी आवेदन, श्रमिकों के शोषण और मानव तस्करी जैसे मामलों की जांच तेज करने की जानकारी दी है। विभाग के मुताबिक जांच का उद्देश्य उन मामलों पर कार्रवाई करना है, जिनमें विदेशी श्रम व्यवस्था का गलत इस्तेमाल होने का संदेह है।

क्या H-1B वीजा पूरी तरह बंद होने वाला है?

फिलहाल ऐसा कहना जल्दबाजी होगी। H-1B कार्यक्रम को खत्म करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस में प्रस्ताव जरूर पेश किया गया है, लेकिन वह अभी कानून नहीं बना है।

जनवरी 2026 में प्रतिनिधि सभा में End H-1B Now Act नाम से एक विधेयक पेश किया गया था। इस प्रस्ताव में H-1B कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की बात कही गई है। बिल को संबंधित समितियों के पास भेजा गया है, इसलिए केवल इसके पेश होने से यह नहीं माना जा सकता कि H-1B वीजा बंद होने वाला है।

दूसरी ओर, मौजूदा प्रशासन ने कार्यक्रम को खत्म करने के बजाय उसके नियमों के पालन और जांच पर काफी जोर दिया है।

H-1B पर जांच क्यों बढ़ी?

अमेरिकी श्रम विभाग का कहना है कि कुछ मामलों में नियोक्ताओं द्वारा H-1B सिस्टम का गलत इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें और संकेत मिले हैं। इनमें अमेरिकी कर्मचारियों को हटाकर विदेशी कर्मचारियों को रखने, गलत नौकरी विवरण देने, वेतन संबंधी नियमों का उल्लंघन और फर्जी रोजगार व्यवस्था जैसे आरोप शामिल हैं।

जुलाई 2026 में श्रम विभाग के इंस्पेक्टर जनरल कार्यालय ने H-1B और PERM कार्यक्रमों में कथित धोखाधड़ी तथा श्रमिकों के शोषण की जांच तेज करने की घोषणा की थी। अगस्त में विभाग ने ऐसी जगहों पर फील्ड जांच का भी जिक्र किया, जहां बड़ी संख्या में H-1B आवेदन स्वीकृत हुए थे।

Project Firewall क्या है?

अमेरिकी श्रम विभाग ने सितंबर 2025 में Project Firewall शुरू किया था। इसका उद्देश्य H-1B नियमों के पालन की निगरानी बढ़ाना और उन नियोक्ताओं की जांच करना है, जिन पर कार्यक्रम के दुरुपयोग का संदेह हो।

इस पहल के तहत उन मामलों को प्राथमिकता दी जाती है, जहां अमेरिकी कर्मचारियों को हटाने, योग्य अमेरिकी कर्मचारियों की भर्ती न करने, H-1B कर्मचारियों को अनुचित प्राथमिकता देने या नौकरी की परिस्थितियों के बारे में गलत जानकारी देने के संकेत मिलते हैं। नियमों का उल्लंघन मिलने पर बकाया वेतन की वसूली, आर्थिक जुर्माना और भविष्य में H-1B कार्यक्रम से प्रतिबंध जैसी कार्रवाई हो सकती है।

1 लाख डॉलर फीस को लेकर भी विवाद

H-1B को लेकर एक बड़ा बदलाव नए H-1B आवेदनों पर 1 लाख डॉलर के शुल्क से जुड़ा है। हालांकि इस शुल्क को अदालत में चुनौती दी गई है।

अक्टूबर 2026 की शुरुआत में एक दूसरे संघीय जज ने भी इस शुल्क को रोक दिया। इससे पहले भी एक संघीय अदालत ने इस व्यवस्था पर रोक लगाई थी। मामला अब कानूनी प्रक्रिया में है, इसलिए शुल्क व्यवस्था की अंतिम स्थिति अदालतों के फैसलों पर निर्भर करेगी।

भारतीय IT प्रोफेशनल्स पर क्या असर पड़ सकता है?

H-1B कार्यक्रम में किसी भी बड़े बदलाव का भारतीय प्रोफेशनल्स पर असर महत्वपूर्ण हो सकता है, खासकर उन लोगों पर जो अमेरिका में टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और अन्य विशेष कौशल वाली नौकरियों के लिए इस वीजा पर निर्भर हैं।

अगर जांच और नियमों को और सख्त किया जाता है, तो कंपनियों को H-1B आवेदन में नौकरी, वेतन, कर्मचारी की भूमिका और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी की ज्यादा कड़ी जांच का सामना करना पड़ सकता है।

इसका मतलब यह नहीं है कि हर भारतीय H-1B कर्मचारी का वीजा खतरे में है। असर व्यक्ति की नौकरी, नियोक्ता, वीजा की स्थिति और भविष्य में लागू होने वाले नियमों पर निर्भर करेगा।

आगे की तस्वीर क्या है?

अभी उपलब्ध आधिकारिक जानकारी से इतना स्पष्ट है कि अमेरिका में H-1B कार्यक्रम की निगरानी और जांच पहले की तुलना में अधिक सख्त हो रही है। श्रम विभाग धोखाधड़ी और नियमों के उल्लंघन वाले मामलों पर कार्रवाई बढ़ा रहा है, जबकि कांग्रेस में H-1B समाप्त करने से जुड़ा एक प्रस्ताव भी मौजूद है।

लेकिन H-1B कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करने का फैसला अभी नहीं हुआ है। आने वाले महीनों में नए नियम, अदालतों के फैसले और कांग्रेस में होने वाली कार्रवाई यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि भारतीय पेशेवरों और अमेरिकी कंपनियों के लिए H-1B व्यवस्था किस दिशा में जाती है।

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