शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 |

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने किया नवंबर से आंदोलन की घोषणा

Triangle News

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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने किया नवंबर से आंदोलन की घोषणा

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👉आंदोलन की तैयारी तेज की गई

👉समीक्षा बैठक में आंदोलन का पोस्टर जारी किया गया

लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने आज लखनऊ में संयुक्त परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन विचार विमर्श कर संयुक्त परिषद द्वारा घोषित आंदोलन के कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी पदाधिकारियों को मंडल एवं जनपद स्तर के कार्यक्रमों को पूरी तैयारी के साथ संपादित करने तथा शासन को कर्मचारियों की मांगों का ज्ञापन भेजने एवं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश भी जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिषद की केंद्रीय कार्यकारिणी द्वारा आंदोलन से संबंधित पोस्टर जारी कर दिया गया है। सभी जनपद शाखाएं एवं संबद्ध संगठन केंद्रीय नेतृत्व द्वारा जारी किए गए पोस्टर के अनुरूप पोस्टर प्रिंट करा कर जनपद के कर्मचारियों को जागरूक करेंगे तथा शासन प्रशासन को सोशल मीडिया के माध्यम से अवगत कराएंगे।

पुरानी पेंशन की बहाली,मानदेय , प्रोत्साहन राशि पर कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए 18000 का न्यूनतम मानदेय दिए जाने,2001 के बाद नियुक्त संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की नियमावली निर्गत किए जाने ,वेतन विसंगतियों पर निर्णय कराये जाने ,पदों को भरे जाने ,समय से पदोन्नतियां किए जाने की मांग को लेकर आंदोलन की घोषणा की गई है ।

जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि 3 अगस्त को प्रदेश के मुख्य सचिव एवं सभी संबंधित को संयुक्त परिषद की नोटिस ईमेल एवं रजिस्टर्ड पोस्ट के माध्यम से भेजी जा चुकी है। 20 नवंबर को जनपद स्तर पर जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन, 16 दिसंबर को मंडल आयुक्त कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को भेजा जाएगा। 20 जनवरी को विधानसभा मार्च एवं विधानसभा पर प्रदर्शन का कार्यक्रम होगा जिसमें प्रदेश के सभी जनपदों के 100000 से भी अधिक कर्मचारी प्रतिभा करेंगे।

जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव कार्मिक को संयुक्त परिषद द्वारा लिखे गए दर्जनों पत्रों का कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है तथा कर्मचारियों की समस्याओं के निस्तारण में लगातार उदासीनता बरती जा रही है। विभागीय अधिकारी भी संगठनों के साथ वार्ता कर समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं। जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि प्रदेश के सभी विभागों एवं वर्गों के कर्मचारियों में सरकार के प्रति गुस्सा है। लगभग 50 लाख कर्मचारी एवं उनके परिवार अपने इष्ट मित्रों के साथ इस बार 2027 के चुनाव में बहुत सोच समझ कर ऐसी सरकार का चुनाव करेंगे जो कर्मचारी के हित की बात करेगी।

मौजूदा सरकार में 2 साल से अधिकारियों के साथ कर्मचारी संगठनों की कोई वार्ता नहीं हुई है। कर्मचारियों की मांगों पर सरकार निर्णय नहीं कर रही है, जिसके कारण आंदोलन की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कर्मचारियों का धैर्य टूट चुका है, अब चुनावी वर्ष में आंदोलन के सिवा कोई विकल्प शेष नहीं रह गया है। सरकार कर्मचारी और उनके परिवार से संबंधित दो करोड़ की मतदाता शक्ति की अनदेखी कर रही है ।कर्मचारी अब और बर्दाश्त नहीं करेगा। संयुक्त परिषद अपने आंदोलन को सफल बनाने के लिए तैयारी में जुट गई है।

आज की ऑनलाइन बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष त्रिलोकी नाथ चौरसिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नारायण जी दुबे, सलाहकार समिति के सदस्य ओमप्रकाश गौड़, ओमप्रकाश पांडे, निरंजन कुमार श्रीवास्तव,रामेश्वर पांडे ,बृजभूषण मिश्रा ,एच बी मणि त्रिपाठी, उपाध्यक्ष शिवकांत द्विवेदी, उमानाथ तिवारी, महासचिव अरुणा शुक्ला, हर्ष कुमार सिंह, नितिन गोस्वामी ,राज बहादुर गौतम ,बृजेश सिंह ,अमरनाथ यादव , अतुल सिंह, संतोष सिंह, गोविंद सिंह, श्याम मोहन सिंह, ने प्रतिभाग किया।

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