शुक्रवार, 6 नवम्बर 2026 |
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CSIR-NBRI में मृदा प्रदूषण निगरानी विशेषज्ञ प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन, 29 प्रतिभागियों को मिले प्रमाणपत्र

Triangle News

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CSIR-NBRI में मृदा प्रदूषण निगरानी विशेषज्ञ प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन, 29 प्रतिभागियों को मिले प्रमाणपत्र

ग्रीन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम (GSDP)

Report: Rajesh Saxena | Manya Saxena

Triangle News Lucknow

राजधानी / लखनऊ। पर्यावरण संरक्षण और मृदा प्रदूषण की निगरानी के क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में CSIR-राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (CSIR-NBRI), लखनऊ ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। संस्थान की ओर से 5 नवंबर 2026 को ग्रीन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम (GSDP) के अंतर्गत आयोजित ‘सॉयल पॉल्यूशन मॉनिटरिंग स्पेशलिस्ट’ प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने वाले 29 प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

यह आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC), भारत सरकार के सहयोग से NBRI-पर्यावरण सूचना, जागरूकता, क्षमता निर्माण एवं आजीविका कार्यक्रम (EIACP) केंद्र द्वारा आयोजित किया गया। यह पाठ्यक्रम 31 अगस्त से 5 नवंबर 2026 तक संचालित हुआ। स्किल काउंसिल फॉर ग्रीन जॉब्स द्वारा मान्यता प्राप्त इस पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (NSQF) के लेवल 5.5 के अंतर्गत रखा गया था।

20 क्रेडिट और कुल 600 निर्धारित प्रशिक्षण घंटों वाले इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य मृदा प्रदूषण की निगरानी, आकलन और उसके प्रभावों को कम करने के लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञ तैयार करना था।

वैज्ञानिकों ने प्रशिक्षण के उद्देश्यों और उपलब्धियों पर डाला प्रकाश

समारोह में CSIR-NBRI के वैज्ञानिक जी एवं NBRI-EIACP कार्यक्रम केंद्र के समन्वयक डॉ. पंकज कुमार श्रीवास्तव ने स्वागत संबोधन दिया। उन्होंने ग्रीन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के उद्देश्यों, गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी साझा की। इस दौरान प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव और फीडबैक प्रस्तुत किए।

CSIR-NBRI के वैज्ञानिक जी एवं निदेशक नामित प्रतिनिधि डॉ. समीर वी. सावंत ने अपने संबोधन में कहा कि उभरती पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे कौशल विकास कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में विशेषज्ञता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मृदा प्रदूषण पर जागरूकता और वैज्ञानिक निगरानी जरूरी: संजीव कुमार सिंह

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के सदस्य सचिव एवं आईएफएस अधिकारी श्री संजीव कुमार सिंह ने मृदा प्रदूषण की बढ़ती चिंता और पर्यावरणीय स्थिरता पर इसके प्रतिकूल प्रभावों को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि मृदा प्रदूषण की प्रभावी निगरानी और नियंत्रण के लिए जागरूकता, वैज्ञानिक समझ और ठोस उपायों की आवश्यकता है। इसके लिए ऐसे कुशल मानव संसाधन तैयार करना जरूरी है, जो पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण प्रबंधन के क्षेत्र में अपना योगदान दे सकें।

मुख्य अतिथि ने कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को व्यावहारिक ज्ञान और पेशेवर दक्षता प्रदान की जा सकती है, जिससे वे पर्यावरण क्षेत्र में रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता की संभावनाएं भी तलाश सकें।

उन्होंने पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति समाज को जागरूक करने और संरक्षण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी विकसित करने में जागरूकता कार्यक्रमों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।

NBRI की पहल की सराहना, प्रतिभागियों को किया प्रोत्साहित

मुख्य अतिथि संजीव कुमार सिंह ने NBRI-EIACP कार्यक्रम केंद्र की ओर से पर्यावरण जागरूकता, क्षमता निर्माण और कौशल विकास के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान और कौशल का उपयोग पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान तथा सतत विकास में करने का आह्वान किया।

समारोह के अंत में मुख्य अतिथि को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन CSIR-NBRI की वैज्ञानिक डी एवं NBRI-EIACP कार्यक्रम केंद्र की सह-समन्वयक डॉ. अंजू पटेल ने किया।

इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, कर्मचारी और प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागी उपस्थित रहे।

इस ग्रीन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के माध्यम से CSIR-NBRI ने पर्यावरण शिक्षा, विशेष कौशल विकास और क्षमता निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। संस्थान का यह प्रयास स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ पर्यावरण के निर्माण के लिए प्रशिक्षित कार्यबल विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

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