PGI कर्मचारी महासंघ ने निदेशक प्रो. आरके धीमान का किया घेराव, इस्तीफे की मांग से गरमाया माहौल
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धरना स्थल निर्धारित करने और प्रदर्शन से पहले अनुमति लेने के प्रस्ताव पर कर्मचारियों का विरोध; दुर्व्यवहार और VIP कल्चर का मुद्दा भी उठा
विशेष रिपोर्ट
अनुराग सिंह बिष्ट | Triangle News Lucknow
राजधानी/लखनऊ। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI), लखनऊ में कर्मचारी महासंघ और संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमान के बीच सोमवार को टकराव की स्थिति देखने को मिली। कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर सुबह 11 बजे सैकड़ों कर्मचारियों और अधिकारियों ने निदेशक का घेराव कर विभिन्न मुद्दों पर नाराजगी जताई। इस दौरान कर्मचारियों ने निदेशक से इस्तीफा देने तक की मांग उठाई और उनके कथित कार्यों की जांच कराने की बात कही।
धरना स्थल और अनुमति के प्रस्ताव पर भड़के कर्मचारी
महासंघ के पदाधिकारियों ने निदेशक के सामने विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि कर्मचारी संस्थान में काम करेंगे, लेकिन अपनी समस्याओं को उठाने और धरना-प्रदर्शन करने के लिए संस्थान से बाहर जाने की बाध्यता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने इसे कर्मचारियों की आवाज दबाने का प्रयास बताया।
महासंघ के नेताओं के अनुसार, 28 नवंबर को हुई गवर्निंग बॉडी की बैठक में निदेशक की ओर से एक एजेंडा प्रस्तुत किया गया था। इसमें कर्मचारियों के लिए धरना स्थल निर्धारित करने और प्रदर्शन से पहले प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य करने का प्रस्ताव शामिल था।
महासंघ के अध्यक्ष धर्मेश कुमार और महामंत्री सीमा शुक्ला सहित कर्मचारियों ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि यदि कर्मचारियों की जायज समस्याओं का समय पर समाधान किया जाए तो उन्हें धरना-प्रदर्शन करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी।
निदेशक ने एजेंडे को गलत मानने की बात स्वीकार की
कर्मचारी नेताओं के मुताबिक, विरोध के दौरान निदेशक प्रो. आरके धीमान ने स्वीकार किया कि उन्हें महसूस हुआ कि यह एजेंडा गलत तरीके से लाया गया था और इस विषय पर बैठक में कोई बहस नहीं हुई।
महासंघ ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों और अपनी समस्याएं उठाने के अधिकारों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
दुर्व्यवहार के आरोपों पर निदेशक ने जताया खेद
घेराव के दौरान कर्मचारियों ने निदेशक पर कर्मचारियों के साथ कई बार दुर्व्यवहार करने का आरोप भी लगाया। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।
इस मुद्दे पर भी कर्मचारियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। महासंघ के अनुसार, निदेशक ने इस मामले में खेद व्यक्त किया।
VIP कल्चर और लंबित मांगों पर भी नाराजगी
कर्मचारी महासंघ ने संस्थान में कथित VIP कल्चर को लेकर भी नाराजगी जताई। कर्मचारियों का कहना था कि VIP व्यवस्था के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे संस्थान की कार्यसंस्कृति और मर्यादा प्रभावित हो रही है।
इसके अलावा कर्मचारियों के मानकीकरण सहित संस्थान के कार्मिकों से जुड़े कई लंबित मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। महासंघ ने इन समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
आश्वासन के बाद समाप्त हुआ घेराव
कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों और निदेशक के बीच हुई बातचीत तथा निदेशक की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद घेराव समाप्त कर दिया गया।
इस विरोध प्रदर्शन में कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष धर्मेश कुमार, महामंत्री सीमा शुक्ला, उपाध्यक्ष नीलमणि तिवारी, मेडिटेक संगठन के महामंत्री राकेश कुमार निगम, धीरज सिंह, कर्मचारी नेता आरके बाजपेई, अमर सिंह, संगठन मंत्री अंकित पांडेय, बृजभूषण यादव, मंजू यादव, अजय चौधरी, कार्यकारिणी सदस्य वसीम रिजवी, वरिष्ठ नर्सिंग ऑफिसर अनीता सिंह और नर्सिंग एसोसिएशन के महामंत्री विवेक सागर सहित सैकड़ों कर्मचारी एवं अधिकारी मौजूद रहे।
अब देखना होगा कि निदेशक की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद कर्मचारियों की लंबित मांगों पर कितना अमल होता है और संस्थान में कर्मचारी-अधिकारी संबंधों को लेकर बनी तल्खी किस तरह दूर होती है।
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