बिजली विभाग के 73 हजार पेंशनरों की प्रमुख मांगें, 38वें वार्षिक अधिवेशन में एमडी ने दिया समाधान का भरोसा
Triangle News
रिपोर्ट: संजय अग्रवाल
Triangle News Lucknow | लखनऊ

उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के करीब 73 हजार पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों से जुड़े मुद्दे विद्युत पेंशनर्स परिषद उत्तर प्रदेश के 38वें वार्षिक अधिवेशन में प्रमुखता से उठाए गए। अधिवेशन में आठवें वेतन आयोग के तहत पेंशन पुनरीक्षण, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई राहत और पारिवारिक पेंशन की पात्रता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। मुख्य अतिथि एवं उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार (IAS) ने पेंशनरों की समस्याओं के उचित समाधान का आश्वासन दिया।
73 हजार पेंशनरों के हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा
अधिवेशन में वक्ताओं ने कहा कि बिजली विभाग में 35 से 36 वर्षों तक सेवा देने वाले पेंशनरों का प्रदेश की विद्युत व्यवस्था और विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद पेंशनरों की आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनकी लंबित समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाना चाहिए।
आठवें वेतन आयोग से पेंशन पुनरीक्षण की मांग
परिषद ने मांग उठाई कि आठवें वेतन आयोग के तहत 1 जनवरी 2026 से पेंशन का पुनरीक्षण बिना किसी भेदभाव के किया जाए। इसके साथ ही वक्ताओं ने 23 मार्च 2025 के वैलिडेशन एक्ट को निष्प्रभावी किए जाने की मांग भी रखी, ताकि पेंशनरों को उनके अनुसार उचित लाभ मिल सके।
कैशलेस इलाज और चिकित्सा भत्ते में बदलाव की मांग
अधिवेशन में पेंशनरों ने स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार रहीं:
- प्रदेश के सभी जनपदों में अधिक से अधिक मान्यता प्राप्त अस्पतालों को सीजीएचएस दरों पर कैशलेस इलाज के लिए पैनल में शामिल किया जाए।
- बिजली का बिल जमा करने की शर्त के आधार पर 200 रुपये चिकित्सा भत्ता देने की व्यवस्था समाप्त की जाए।
- पूरी तरह आश्रित विधवा और तलाकशुदा पुत्रियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
- विधवा पुत्रवधू को पारिवारिक पेंशन की पात्रता में शामिल करने पर विचार किया जाए।
महंगाई राहत के शासनादेश को सीधे लागू करने की मांग
परिषद के अध्यक्ष भारत भूषण और प्रमुख महासचिव कप्तान सिंह ने कहा कि जब प्रदेश सरकार पेंशन, ग्रेच्युटी और महंगाई राहत का भुगतान राजकीय पेंशनरों की तरह कोषागार के माध्यम से कर रही है, तो महंगाई राहत से संबंधित शासनादेश भी सीधे लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी करे या ऊर्जा विभाग के माध्यम से आदेश जारी कराकर पेंशनरों को इसका लाभ सुनिश्चित करे।
एमडी नितीश कुमार ने दिया समाधान का आश्वासन
अधिवेशन को मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार (IAS) ने संबोधित किया। विशिष्ट अतिथि डॉ. जॉन मथाई और हरजीत सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। पेंशनरों की समस्याओं और मांगों पर चर्चा के दौरान मुख्य अतिथि ने उचित समाधान का भरोसा दिया।
इस अवसर पर विद्युत पेंशनर्स परिषद के उपाध्यक्ष बी.बी. मिश्रा, उप महासचिव दशरथ सिंह तथा प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए अध्यक्ष, सचिव और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
अब शासन और पावर कॉरपोरेशन की कार्रवाई पर नजर
38वें वार्षिक अधिवेशन में पेंशन पुनरीक्षण, चिकित्सा सुविधाओं और महंगाई राहत से जुड़ी मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। अब पेंशनरों को इन मांगों पर संबंधित विभागों और पावर कॉरपोरेशन की ओर से ठोस निर्णय तथा आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
Triangle News Lucknow — सच के साथ, सबसे आगे…