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लखनऊ: गलत बिजली बिल बनाने वाले कर्मचारियों की तय होगी जवाबदेही, एमडी हर सप्ताह करेंगे 10 बिलों की जांच

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लखनऊ: गलत बिजली बिल बनाने वाले कर्मचारियों की तय होगी जवाबदेही, एमडी हर सप्ताह करेंगे 10 बिलों की जांच

लखनऊ | Triangle News Lucknow

उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को गलत बिल जारी करने और बिल संशोधन में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों की अब जवाबदेही तय की जाएगी। उपभोक्ताओं को पहली बार में ही सही और समय पर बिजली बिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही गलत बिलों को तत्काल ठीक करने और लंबित बिल संशोधन मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

ये निर्देश प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपी पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने मंगलवार को शक्ति भवन में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में बिजली बिलिंग, राजस्व वसूली, बिजली चोरी, लाइन लॉस और विभागीय परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

हर सप्ताह 7 से 10 बिजली बिलों की रैंडम जांच

बिजली बिलिंग व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी वितरण निगमों के प्रबंध निदेशकों (एमडी) को हर सप्ताह 7 से 10 उपभोक्ताओं के बिजली बिलों की रैंडम जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

लंबे समय से लंबित बिल संशोधन मामलों का अभियान चलाकर निस्तारण करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

बिजली चोरी और लाइन लॉस पर सख्ती

बैठक में राजस्व बढ़ाने के साथ बिजली चोरी और लाइन हानि को कम करने के निर्देश दिए गए। पांच रुपये से कम थ्रू रेट वाले फीडरों की विशेष समीक्षा की जाएगी। वहीं, सबसे अधिक लाइन लॉस वाले 10 फीडरों में प्राथमिकता के आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सहारनपुर में 1.71 रुपये थ्रू रेट और मुरादाबाद में कम राजस्व प्राप्ति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए गए।

बड़े बकायेदारों के बिलों की होगी विशेष जांच

गोला, नवाबगंज और गोंडा क्षेत्रों में बिजली बिलों तथा बड़े बकायेदारों की विशेष जांच की जाएगी। अधिकारियों को 10 बड़े बकायेदारों को चिह्नित कर उनके बिलों की जांच करने और नियमानुसार नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक कार्रवाई के तहत नियमों के अनुसार बिजली कनेक्शन काटे जा सकेंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों में बकायेदारों की जानकारी ग्राम प्रधानों को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि राजस्व वसूली में तेजी लाई जा सके।

ट्रांसफॉर्मर और स्मार्ट मीटर के कार्यों में तेजी

100 केवीए से कम क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मरों पर फ्यूज सेट लगाने का काम तेज करने और ट्रांसफॉर्मर खराब होने की दर कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।

इसके अलावा स्मार्ट मीटर और वित्तीय वर्ष 2024-25, 2025-26 तथा 2026-27 के बिजनेस प्लान के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।

लंबित भुगतान और तकनीकी कार्यों का होगा निस्तारण

बैठक में मेजरमेंट बुक, ईआरपी क्लोजर और अंतिम भुगतान से संबंधित लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को इन मामलों का जल्द निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में यूपी पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी वितरण निगमों के एमडी और संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

उपभोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा?

इन निर्देशों का उद्देश्य बिजली बिलिंग में गलतियों को कम करना, शिकायतों का समय पर समाधान करना और विभागीय जवाबदेही बढ़ाना है। यदि इन निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन होता है, तो उपभोक्ताओं को सही बिल मिलने और संशोधन संबंधी समस्याओं के निस्तारण में मदद मिल सकती है।

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