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दृष्टि दिव्यांगजनों के डिजिटल सशक्तिकरण की पहल, जयति भारतम् में ‘सॉल्यूशन वीक’ का समापन

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दृष्टि दिव्यांगजनों के डिजिटल सशक्तिकरण की पहल, जयति भारतम् में ‘सॉल्यूशन वीक’ का समापन

रिपोर्ट: राजेश सक्सेना

‘सी अ मिलियन’ अभियान के तहत आधुनिक डिजिटल उपकरणों का प्रदर्शन, 600 से अधिक लोगों ने की सहभागिता

लखनऊ। दृष्टि दिव्यांगजनों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और समाज में समान अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जयति भारतम् एवं इनेबल इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘सॉल्यूशन वीक’ कार्यक्रम का समापन जानकीपुरम स्थित जयति भारतम् परिसर में हुआ। कार्यक्रम में दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थी, उनके अभिभावक, सामान्य स्कूलों के छात्र-छात्राएं और शिक्षक बड़ी संख्या में शामिल हुए।

कार्यक्रम का आयोजन ‘सी अ मिलियन’ (See a Million) अभियान के अंतर्गत किया गया। इसका उद्देश्य दृष्टिबाधित और कम दृष्टि वाले व्यक्तियों को डिजिटल तकनीक से जोड़कर उनकी शिक्षा, रोजगार और दैनिक जीवन में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।

आधुनिक डिजिटल उपकरणों की दी गई जानकारी

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. विवेक सिंह तोमर, सभापति, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड और जयति भारतम् की सचिव सुश्री रंजना अग्निहोत्री ने परिसर में लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दृष्टि दिव्यांगजनों के लिए उपयोगी आधुनिक डिजिटल उपकरणों और तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

संस्था की सचिव रंजना अग्निहोत्री ने बताया कि ‘सी अ मिलियन’ अभियान का लक्ष्य देशभर के 10 लाख दृष्टिबाधित और कम दृष्टि वाले लोगों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं समाज का सक्रिय नागरिक बनाना है।

स्क्रीन रीडर से ऑनलाइन बैंकिंग तक, आत्मनिर्भरता पर जोर

जयति भारतम् की चीफ फंक्शनरी डॉ. रेनू अग्निहोत्री ने अभियान के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत दृष्टि दिव्यांगजनों को स्क्रीन रीडर और मैग्नीफायर जैसे सहायक तकनीकी टूल्स के माध्यम से कंप्यूटर और लैपटॉप का उपयोग करना सिखाया जाता है।

इस पहल के प्रमुख उद्देश्य हैं:

- डिजिटल साक्षरता: कंप्यूटर और लैपटॉप को स्वतंत्र रूप से चलाने का प्रशिक्षण।

- शिक्षा एवं रोजगार: डिजिटल उपकरणों की मदद से उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक पहुंच बढ़ाना।

- स्वतंत्र परीक्षा: तकनीक की सहायता से बिना लेखक के लैपटॉप पर परीक्षा देने में सक्षम बनाना।

- दैनिक जीवन में आत्मनिर्भरता: ई-मेल, मैसेजिंग और ऑनलाइन बैंकिंग जैसी सेवाओं का स्वतंत्र उपयोग।

- प्रशिक्षक तैयार करना: दृष्टिबाधित व्यक्तियों को तकनीकी प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें भविष्य में अभियान का नेतृत्व करने के लिए तैयार करना।

600 से अधिक लोगों की रही सहभागिता

कार्यक्रम का आयोजन जयति भारतम् की चीफ फंक्शनरी डॉ. रेनू अग्निहोत्री और कोऑर्डिनेटर श्रीमती अभिलाषा अग्निहोत्री के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर जन उदघोष व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश महामंत्री विनोद सिंह, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुशील कुमार सिंह, प्रदेश महामंत्री आर.के. सिंह चौहान, महानगर लखनऊ अध्यक्ष विपिन सिंह और जानकीपुरम महामंत्री रोहित कुमार सहित 600 से अधिक लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के माध्यम से दृष्टि दिव्यांगजनों के लिए डिजिटल तकनीक की उपयोगिता, शिक्षा में समान अवसर और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को सामने लाया गया। ऐसी पहलें तकनीक को अधिक समावेशी बनाने और दिव्यांगजनों की सामाजिक भागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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