सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 |

डॉ. सोनेलाल पटेल सामाजिक न्याय के पुरोधा थे: कृष्णा पटेल

Triangle News

12 hours ago 47 views
डॉ. सोनेलाल पटेल सामाजिक न्याय के पुरोधा थे: कृष्णा पटेल

पल्लवी पटेल बोलीं—व्यवस्था बदलने के लिए वैचारिक मजबूती जरूरी, 2027 के चुनाव में एकजुटता का आह्वान

लखनऊ | रिपोर्ट: संजय मुखी | Triangle News Lucknow

लखनऊ। अपना दल कमेरावादी के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल के 17वें परिनिर्वाण दिवस पर शनिवार को गांधी भवन प्रेक्षागृह, लखनऊ में संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। संगोष्ठी में सामाजिक न्याय, वंचित समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी, शिक्षा और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर विचार रखे गए। इस दौरान डॉ. सोनेलाल पटेल की मौत की सीबीआई जांच की मांग भी दोहराई गई।

‘कमेरा समाज के उत्थान के लिए जीवनभर संघर्ष किया’

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि और अपना दल कमेरावादी की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने कहा कि डॉ. सोनेलाल पटेल सामाजिक न्याय के पुरोधा थे। उन्होंने कमेरा समाज के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक उत्थान के लिए जीवनभर संघर्ष किया। कृष्णा पटेल के मुताबिक, डॉ. पटेल ऐसे समाज की कल्पना करते थे, जहां बिना भेदभाव सभी को समान अवसर मिलें और वंचित वर्गों को उनका उचित अधिकार एवं प्रतिनिधित्व मिले।

उन्होंने कहा कि डॉ. पटेल ने इसी विचार के साथ उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत में संगठन को मजबूत करने का प्रयास किया।

पल्लवी पटेल का 2027 चुनाव पर जोर

सिराथू की विधायक और पार्टी की शीर्ष नेता डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि सत्ता के माध्यम से व्यवस्था में बदलाव लाने के लिए वैचारिक मजबूती आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से विचारधारा के आधार पर संगठन को मजबूत करने और बहुजन-कमेरा राजनीति को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

उन्होंने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की। साथ ही, डॉ. सोनेलाल पटेल के सपनों का समाज बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रतिबद्ध रहने का संदेश दिया।

मौत की सीबीआई जांच की मांग फिर उठी

डॉ. पल्लवी पटेल ने 17 अक्टूबर 2009 को डॉ. सोनेलाल पटेल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का उल्लेख करते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि इस घटना की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए। यह मांग पार्टी नेताओं और समर्थकों की ओर से फिर उठाई गई।

शिक्षा और संवैधानिक संघर्ष पर वक्ताओं ने रखे विचार

दिल्ली विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर एवं लेखक डॉ. रतनलाल ने कहा कि डॉ. सोनेलाल पटेल संत रविदास, ज्योतिबा फुले, शाहूजी महाराज और डॉ. भीमराव आंबेडकर की विचारधारा से जुड़ी सामाजिक परिवर्तन की धारा के वाहक थे। उन्होंने वंचित समाज की आर्थिक उन्नति के लिए ठोस प्रयासों और शिक्षा को बचाने की जरूरत पर जोर दिया। उनके अनुसार, शिक्षा रोजगार और सामाजिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है।

नेशनल दस्तक के प्रधान संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार शंभू कुमार सिंह ने कहा कि समाज के नेतृत्व का उद्देश्य लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष करना होना चाहिए। उन्होंने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और संवैधानिक तरीके से समाज की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।

कई प्रमुख नेताओं ने की सहभागिता

संगोष्ठी की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सी.एल. पटेल ने की, जबकि संचालन प्रदेश महासचिव गगन प्रकाश यादव ने किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रोफेसर गंगाराम यादव, राधेश्याम पटेल, इंजीनियर पारुल पटेल, मोहम्मद हफीज मोबिन, आनंद हीराराम पटेल, साधना साहू, ऊदल राजभर और अशोक पटेल सहित कई लोगों ने अपने विचार रखे।

संगोष्ठी में सामाजिक न्याय, शिक्षा, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और डॉ. सोनेलाल पटेल की विरासत को आगे बढ़ाने के मुद्दे प्रमुखता से उठे।

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