सोमवार, 2 नवम्बर 2026 |

राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद की समीक्षा बैठक में संगठन विस्तार और सामाजिक समरसता पर मंथन

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राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद की समीक्षा बैठक में संगठन विस्तार और सामाजिक समरसता पर मंथन

24 जनवरी को लखनऊ में होगा सामाजिक समरसता महायज्ञ, 20 हजार लोगों को यज्ञोपवीत एवं शिखा संस्कार से जोड़ने का लक्ष्य

Report: Rajesh Saxena | Prashant Yadav

Triangle News Lucknow

राजधानी/लखनऊ। राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक रविवार को राजधानी लखनऊ के गोमती नगर स्थित संगठन के राष्ट्रीय कार्यालय परिसर में आयोजित की गई। बैठक में संगठन के विस्तार, आगामी कार्यक्रमों, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक मजबूती को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान आगामी 24 जनवरी को लखनऊ में प्रस्तावित सामाजिक समरसता महायज्ञ को सफल बनाने की रणनीति तैयार की गई।

बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार सनातनी, अवध प्रांत एवं गोरक्षा प्रांत के अध्यक्ष शशि भूषण, राष्ट्रीय संरक्षक दयाशंकर सनातनी, गोरखनाथ सनातनी तथा राष्ट्रीय महासचिव मुकेश सनातनी ने संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ प्रदेश, प्रांत, मंडल एवं जिला स्तर के प्रमुख पदाधिकारियों ने बैठक में सहभागिता की। समीक्षा बैठक दो सत्रों में संपन्न हुई। दोनों सत्रों में संगठनात्मक विस्तार, नई योजनाओं के क्रियान्वयन तथा संगठन को अधिक सक्रिय, व्यवस्थित और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। साथ ही पदाधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों एवं आगामी कार्यों के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए।

‘मैं भी सनातनी’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार सनातनी ने अपने संबोधन में कहा कि “धर्मो रक्षति रक्षितः” अर्थात जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कृति की रक्षा का संकल्प तभी साकार हो सकता है, जब समाज एकजुट होकर आगे बढ़े।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद का विस्तार अब तीन प्रदेशों के 32 जिलों तक हो चुका है। यह संगठन के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास और सक्रिय सहभागिता का परिणाम है।

सामाजिक एकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जातिगत विभाजन समाज की सामूहिक शक्ति को कमजोर करता है। समाज की मजबूती, एकता और समरसता के लिए जातिगत भेदभाव से ऊपर उठना समय की आवश्यकता है।

इसी उद्देश्य से संगठन द्वारा ‘मैं भी सनातनी’ अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने पदाधिकारियों एवं सदस्यों से अपने परिवार, समाज और परिचितों को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठने के लिए प्रेरित करने तथा अपने नाम के आगे जाति के स्थान पर ‘सनातनी’ लिखने की पहल करने की अपील की।

उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य समाज को जातियों में बांटना नहीं, बल्कि सनातनी पहचान के सूत्र में जोड़कर एक मजबूत, संगठित और समरस समाज का निर्माण करना है।

प्रत्येक जनपद में गुरुकुल स्थापना की घोषणा

अवध प्रांत एवं गोरक्षा प्रांत के अध्यक्ष शशि भूषण ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद ‘एक देश, एक कानून’ के मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि संगठन समाज की आवाज को मजबूती से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने प्रत्येक जनपद में गुरुकुल की स्थापना करने की घोषणा करते हुए कहा कि इसकी प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाएगी। इन गुरुकुलों में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी प्रदान किए जाएंगे, ताकि आने वाली पीढ़ी को ज्ञान, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ा जा सके।

उन्होंने जातिगत भेदभाव से ऊपर उठने का आह्वान करते हुए उपस्थित लोगों से अपने नाम के आगे ‘सनातनी’ लगाने की अपील की।

24 जनवरी को लखनऊ में सामाजिक समरसता महायज्ञ

बैठक के प्रमुख एजेंडों में आगामी 24 जनवरी को राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित सामाजिक समरसता महायज्ञ की तैयारियां विशेष रूप से शामिल रहीं।

आयोजन का उद्देश्य सनातन समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सामाजिक समरसता, एकता, आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक जुड़ाव को प्रोत्साहित करना है।

महायज्ञ को व्यापक सामाजिक सहभागिता के साथ सफल बनाने के लिए कार्यक्रम की रूपरेखा, जनसंपर्क अभियान, प्रचार-प्रसार और विभिन्न पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

संगठन की ओर से आयोजन के उद्देश्य को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ‘मैं भी सनातनी’ विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट करने, सनातन संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक एकता का संदेश प्रसारित करने का संकल्प लिया गया।

20 हजार लोगों को यज्ञोपवीत एवं शिखा संस्कार से जोड़ने का लक्ष्य

सामाजिक समरसता महायज्ञ के अंतर्गत राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद ने विभिन्न जातियों के 20 हजार हिंदुओं को यज्ञोपवीत एवं शिखा संस्कार के माध्यम से सनातनी परंपराओं से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए व्यापक जनसंपर्क एवं सहभागिता अभियान चलाया जाएगा। बैठक में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने, क्षेत्रवार जिम्मेदारियां निर्धारित करने, आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार करने और आयोजन को सफल बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया।

विभिन्न पदाधिकारियों को सौंपी गई नई जिम्मेदारियां

समीक्षा बैठक के दौरान संगठनात्मक विस्तार को गति देने के उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सदस्यों को नई जिम्मेदारियां एवं संगठनात्मक दायित्व सौंपे गए।

नवनियुक्त पदाधिकारियों में अवध सनातनी को शिक्षा प्रकोष्ठ का अध्यक्ष, सत्यप्रकाश सनातनी को शिक्षा प्रकोष्ठ का कार्याध्यक्ष तथा दिवाकर सनातनी को शिक्षा प्रकोष्ठ का जिला सहमंत्री बनाया गया। वहीं कामिनी सनातनी को महिला प्रकोष्ठ का दायित्व सौंपा गया।

इसके अतिरिक्त नवनीत सनातनी को लखनऊ नगर प्रखंड का अध्यक्ष, आशीष सनातनी को सीतापुर का संयोजक, रामबाबू सनातनी को बहराइच जनपद का मीडिया प्रभारी तथा सुनील सनातनी को लखनऊ के सरोजनीनगर प्रखंड का अध्यक्ष मनोनीत किया गया।

बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य रहे उपस्थित

बैठक में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष साधना सनातनी सहित मनीष सनातनी, महेंद्रनाथ सनातनी, प्रवेश सनातनी, ज्योति प्रकाश सनातनी, नीरज सनातनी, विकास सनातनी, पवन सनातनी, पुरुषोत्तम सनातनी, ओमप्रकाश सनातनी, रामनाथ सनातनी, गौरव सनातनी, विद्या शंकर सनातनी, डॉ. कपिल सनातनी, राहुल सनातनी, संदीप सनातनी, श्रवण सनातनी, सत्यप्रकाश सनातनी, दिवाकर सनातनी, रूबी सनातनी, अजय सनातनी, सुनील सनातनी, गया प्रकाश सनातनी, रंजीत सनातनी, सत्यनारायण सनातनी, विनोद सनातनी, अमरनाथ सनातनी और शीतल सनातनी समेत बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक के समापन पर सभी पदाधिकारियों ने संगठन के विस्तार, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा एवं सक्रियता के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।

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