लखनऊ के वजीरगंज में अवैध निर्माण का आरोप! तीन मंजिला कमर्शियल इमारत पर उठे सवाल, एलडीए की कार्यशैली पर सवालिया निशान
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बिना स्वीकृत मानचित्र और पार्किंग व्यवस्था के निर्माण का आरोप, घनी आबादी के बीच सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका
विशेष रिपोर्ट: राजेश सक्सेना एवं मान्या सक्सेना
Triangle News Lucknow | राजधानी लखनऊ
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के वजीरगंज थाना क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। अमीनाबाद रोड स्थित रकाबगंज के पहाड़गंज चौकी क्षेत्र में निर्माणाधीन तीन मंजिला कमर्शियल इमारत को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि घनी आबादी वाले इस इलाके में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के निर्धारित मानकों की अनदेखी करते हुए व्यावसायिक भवन का निर्माण कराया जा रहा है।
तीन मंजिला इमारत के निर्माण पर उठे सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रकाबगंज क्षेत्र में एक बहुमंजिला व्यावसायिक भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण स्थल की तस्वीरों में इमारत के सामने बांस-बल्लियों की मचान और निर्माणाधीन ढांचा दिखाई दे रहा है।
सूत्रों का आरोप है कि भवन निर्माण में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। हालांकि, भवन का स्वीकृत मानचित्र, निर्माण अनुमति और संबंधित दस्तावेज सामने नहीं आए हैं। ऐसे में निर्माण की वैधता की पुष्टि एलडीए की जांच के बाद ही हो सकेगी।
क्या निर्माण स्थल की जांच कराएगा एलडीए?
इस पूरे मामले में कई महत्वपूर्ण सवाल सामने आ रहे हैं—
- क्या निर्माणाधीन कमर्शियल इमारत का मानचित्र एलडीए से स्वीकृत है?
- क्या बेसमेंट और तीन मंजिला निर्माण की अनुमति ली गई है?
- क्या भवन में पार्किंग और अग्निशमन सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था है?
- क्या निर्माण के दौरान आसपास के मकानों की संरचनात्मक सुरक्षा का ध्यान रखा गया है?
- क्या एलडीए के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर निरीक्षण कर निर्माण की वैधता स्पष्ट करेंगे?
बेसमेंट और पार्किंग व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल
जानकारी के मुताबिक, निर्माण स्थल पर बेसमेंट तैयार किए जाने का भी दावा किया जा रहा है। आरोप है कि बेसमेंट की खुदाई के दौरान आसपास के भवनों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक सावधानियां नहीं बरती गईं।
इसके अतिरिक्त, प्रस्तावित कमर्शियल इमारत में पार्किंग की समुचित व्यवस्था होने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
यदि व्यावसायिक भवन में निर्धारित पार्किंग और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया है, तो भविष्य में क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और आसपास के निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
घनी आबादी में निर्माण से सुरक्षा को लेकर चिंता
रकाबगंज और आसपास का क्षेत्र घनी आबादी तथा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। ऐसे में बहुमंजिला भवनों के निर्माण में संरचनात्मक सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था, बेसमेंट की मजबूती और आसपास के मकानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है।
विशेषज्ञों के अनुसार, गहरी खुदाई के दौरान आवश्यकतानुसार शोरिंग और रिटेनिंग वॉल जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, ताकि आसपास की संरचनाओं को नुकसान पहुंचने का जोखिम कम किया जा सके।
हालांकि, संबंधित निर्माण स्थल पर इन व्यवस्थाओं का पालन हुआ है या नहीं, इसकी तकनीकी जांच आवश्यक है।
एलडीए और स्थानीय पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
इस निर्माण को लेकर लखनऊ विकास प्राधिकरण के जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
आरोप लगाया जा रहा है कि इतने बड़े निर्माण कार्य के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी जांच या कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।
हालांकि, एलडीए अथवा स्थानीय पुलिस की किसी प्रकार की मिलीभगत की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि निर्माण के संबंध में संबंधित अधिकारियों को कोई शिकायत प्राप्त हुई है या नहीं।
अब प्रशासनिक जांच का इंतजार
राजधानी में अवैध निर्माण के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की जाती रही है। ऐसे में रकाबगंज में निर्माणाधीन इस कमर्शियल इमारत को लेकर उठे सवालों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
यदि जांच में निर्माण नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
Triangle News Lucknow इस मामले में एलडीए, स्थानीय पुलिस और भवन निर्माण से जुड़े पक्षों का आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।