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50 हजार से अधिक पत्थरों पर अंकित ‘राम-राम’ से साकार हुई 24 फीट ऊंची भव्य हनुमान प्रतिमा, लखनऊ में विधायक डॉ. नीरज बोरा ने किया अनावरण

Triangle News

15 hours ago 98 views
50 हजार से अधिक पत्थरों पर अंकित ‘राम-राम’ से साकार हुई 24 फीट ऊंची भव्य हनुमान प्रतिमा, लखनऊ में विधायक डॉ. नीरज बोरा ने किया अनावरण

विशेष रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट

राजधानी | लखनऊ

लखनऊ,। राजधानी लखनऊ के फन रिपब्लिक मॉल परिसर में मंगलवार को भगवान श्री हनुमान जी की 24 फीट ऊंची और लगभग 600 किलोग्राम वजनी भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। विधायक डॉ. नीरज बोरा ने प्रतिमा का अनावरण किया। 50 हजार से अधिक पत्थरों से तैयार इस प्रतिमा पर ‘राम-राम’ नाम अंकित है, जो इसे आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष स्वरूप प्रदान करता है।

मॉल परिसर में स्थापित यह प्रतिमा श्रद्धालुओं, शहरवासियों और आगंतुकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनने की उम्मीद है। प्रतिमा की विशालता के साथ इसकी बारीक शिल्पकला और प्रभु श्रीराम के नाम से जुड़ी आध्यात्मिक अवधारणा भी लोगों का ध्यान खींच रही है।

पत्थरों पर ‘राम-राम’ की छाप, भक्ति का अनूठा स्वरूप

प्रतिमा की प्रमुख विशेषता इसके निर्माण में इस्तेमाल किए गए 50 हजार से अधिक पत्थर और उन पर अंकित ‘राम-राम’ नाम है। भगवान हनुमान को प्रभु श्रीराम का अनन्य भक्त माना जाता है। इसी भक्ति, समर्पण और अटूट निष्ठा की भावना को इस कलाकृति के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है।

यह प्रतिमा केवल अपने विशाल आकार के कारण ही खास नहीं है, बल्कि इसकी निर्माण शैली और आध्यात्मिक प्रतीकात्मकता भी इसे विशिष्ट बनाती है।

30 दिनों में तैयार हुई प्रतिमा, 20 से 25 कारीगरों ने किया काम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रतिमा को तैयार करने में लगभग 30 दिन लगे। निर्माण के लिए देश के विभिन्न राज्यों से विशेष पत्थर मंगाए गए। पत्थरों को काटने, आकार देने और उन पर बारीक नक्काशी करने में लगभग 10 दिन का समय लगा।

प्रतिमा को अंतिम स्वरूप देने के लिए अलग-अलग राज्यों से आए 20 से 25 कुशल कारीगरों ने मिलकर काम किया। पारंपरिक शिल्पकला और तकनीकी सहयोग के जरिए इस विशाल प्रतिमा को तैयार किया गया।

एशिया की सबसे बड़ी प्रतिमा होने का दावा

फन रिपब्लिक मॉल प्रबंधन के अनुसार, 24 फीट ऊंची यह प्रतिमा किसी संस्थान या परिसर में स्थापित एशिया की सबसे बड़ी हनुमान प्रतिमा होने का दावा रखती है। प्रबंधन के मुताबिक, प्रतिमा को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया गया है।

हालांकि, एशिया में सबसे बड़ी प्रतिमा होने के दावे और रिकॉर्ड संबंधी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

भारतीय संस्कृति और सनातन आस्था को समर्पित पहल

मॉल प्रबंधन ने इस प्रतिमा की स्थापना को सौभाग्य और गर्व का अवसर बताया। प्रबंधन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य परिसर में आने वाले लोगों को मनोरंजन और खरीदारी के साथ भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ने का अवसर उपलब्ध कराना है।

भगवान श्री हनुमान की भक्ति, शक्ति, साहस और समर्पण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की भावना के साथ स्थापित यह प्रतिमा धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शहरी परिवेश से जोड़ने का प्रयास भी है।

लखनऊवासियों के लिए नया आकर्षण

तेजी से विकसित हो रही राजधानी लखनऊ में फन रिपब्लिक मॉल परिसर की यह प्रतिमा धार्मिक आस्था और स्थापत्य कला के अनूठे संगम के रूप में सामने आई है। ‘राम-राम’ अंकित हजारों पत्थरों से बनी यह प्रतिमा श्रद्धालुओं के साथ-साथ कला और शिल्प में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकती है।

भगवान श्री हनुमान के प्रति श्रद्धा और प्रभु श्रीराम के प्रति उनकी अटूट भक्ति को समर्पित यह प्रतिमा आने वाले समय में लखनऊ के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आकर्षणों में अपनी विशिष्ट पहचान बना सकती है।

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