शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 |

उमेश यादव ने विदर्भ छोड़ने की बताई वजह, बोले- साथ देने के बजाय मुझे बाहर करने की होने लगी चर्चा

Triangle News

1 week ago 134 views
उमेश यादव ने विदर्भ छोड़ने की बताई वजह, बोले- साथ देने के बजाय मुझे बाहर करने की होने लगी चर्चा

भारतीय तेज गेंदबाज उमेश यादव ने विदर्भ की टीम छोड़कर पंजाब से जुड़ने के फैसले को लेकर अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि चोट से उबरकर क्रिकेट में वापसी करने के बाद उन्हें टीम से उस तरह का सहयोग नहीं मिला, जिसकी उन्हें उम्मीद थी। उमेश के मुताबिक, उन्हें दोबारा टीम में स्थापित करने के बजाय बाहर करने की चर्चा होने लगी थी। इसी अनुभव के बाद उन्होंने आगामी घरेलू सीजन से पहले अपनी टीम बदलने का फैसला किया।

उमेश यादव सालों तक विदर्भ की ओर से घरेलू क्रिकेट खेलते रहे हैं। हालांकि, 2024 में एचिलीज टेंडन की सर्जरी के कारण उन्हें लंबे समय तक मैदान से दूर रहना पड़ा। लगभग एक साल बाद वापसी करने पर उन्हें टीम में अपनी जगह बनाए रखने के लिए चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

कप्तानी की मांग भी नहीं हुई पूरी

उमेश यादव ने बताया कि उन्होंने 2025-26 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए विदर्भ की टी20 टीम की कप्तानी करने की इच्छा जताई थी। उन्हें उम्मीद थी कि कप्तानी की जिम्मेदारी मिलने से चोट के बाद वापसी करने और टीम में अपनी भूमिका मजबूत करने में मदद मिलेगी। हालांकि, उनकी इस मांग को स्वीकार नहीं किया गया।

उनके मुताबिक, वापसी के दौरान उन्हें जिस भरोसे और सहयोग की जरूरत थी, वह नहीं मिल पाया। इस वजह से टीम के साथ उनके भविष्य को लेकर सवाल खड़े होने लगे।

दो मैचों के बाद टीम से हुए बाहर

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के दौरान उमेश यादव को शुरुआती दौर में केवल दो मुकाबलों में खेलने का अवसर मिला। इसके बाद उन्हें कई मैचों में प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठना पड़ा।

उमेश ने टीम प्रबंधन से इस स्थिति पर बातचीत भी की। इसके बाद उन्हें ग्रुप स्टेज के आखिरी मुकाबले में खेलने का मौका मिला। हालांकि, इसके बाद उनकी मुश्किलें खत्म नहीं हुईं।

2025-26 विजय हजारे ट्रॉफी के लिए विदर्भ की टीम में उन्हें जगह नहीं मिली। उमेश का कहना है कि उन्हें टीम से बाहर रखने के पीछे की वजह भी स्पष्ट रूप से नहीं बताई गई। इस घटनाक्रम ने उन्हें अपने क्रिकेट करियर के अगले कदम पर विचार करने के लिए मजबूर किया।

'साथ देने के बजाय बाहर करने की बातें होने लगीं'

उमेश यादव ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि चोट से वापसी के बाद उन्हें उम्मीद थी कि टीम उनका साथ देगी और उन्हें अपनी लय हासिल करने का पर्याप्त अवसर मिलेगा। लेकिन उनके अनुभव में स्थिति इसके उलट रही।

उनका मानना था कि ऐसे समय में टीम प्रबंधन को उनका मनोबल बढ़ाने और वापसी में मदद करने पर ध्यान देना चाहिए था। इसके बजाय उन्हें टीम से बाहर करने की चर्चा होने लगी। उमेश के अनुसार, चयनकर्ताओं और कोचों ने युवा खिलाड़ियों को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी, जबकि वह खुद टीम में अपनी भूमिका को लेकर स्पष्टता चाहते थे।

विदर्भ के लिए आखिरी मुकाबला कब खेला?

उमेश यादव ने विदर्भ के लिए अपना आखिरी मुकाबला 8 दिसंबर 2025 को आंध्र प्रदेश के खिलाफ सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेला था। इस मैच में उन्होंने चार ओवर गेंदबाजी करते हुए 28 रन दिए और दो विकेट हासिल किए।

इसके बाद उन्होंने 2026-27 के घरेलू क्रिकेट सत्र से पहले विदर्भ से अलग होने और पंजाब की टीम से जुड़ने का फैसला किया।

पंजाब से नई शुरुआत करेंगे उमेश यादव

विदर्भ के साथ लंबे समय तक खेलने के बाद उमेश यादव के लिए टीम बदलना उनके घरेलू क्रिकेट करियर का एक अहम फैसला है। चोट से वापसी, सीमित मैच खेलने के अवसर और टीम में जगह नहीं मिलने से जुड़े उनके अनुभव इस बदलाव की वजह बने।

अब पंजाब की टीम के साथ उमेश यादव के सामने अपनी गेंदबाजी से प्रभाव छोड़ने और घरेलू क्रिकेट में फिर से नियमित अवसर हासिल करने की चुनौती होगी। आने वाले सीजन में उनका प्रदर्शन यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगा कि वह नई टीम के साथ किस तरह आगे बढ़ते हैं।

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