शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 |

मनु भाकर के पिता ने एशियन गेम्स की सुविधाओं पर उठाई उंगली, सामने रखी खिलाड़ियों की परेशानी

Triangle News

2 weeks ago 89 views
मनु भाकर के पिता ने एशियन गेम्स की सुविधाओं पर उठाई उंगली, सामने रखी खिलाड़ियों की परेशानी

एशियन गेम्स 2026 में भारत की स्टार निशानेबाज मनु भाकर का अभियान बिना पदक के समाप्त हो गया। पेरिस ओलंपिक में दो पदक जीत चुकीं मनु से इस प्रतियोगिता में भी काफी उम्मीदें थीं, लेकिन 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल के व्यक्तिगत और टीम मुकाबलों में वह मेडल हासिल नहीं कर सकीं।

मनु के प्रदर्शन के बाद उनके पिता राम किशन भाकर ने एशियन गेम्स में शूटिंग प्रतियोगिताओं की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने खास तौर पर शूटिंग रेंज की दूरी, आने-जाने में लगने वाले समय और वेन्यू के आसपास के माहौल पर आपत्ति जताई।

‘नाले की बदबू के बीच शूटिंग कर रहे खिलाड़ी’

राम किशन भाकर ने एएनआई से बातचीत में दावा किया कि शूटिंग रेंज के आसपास नाले की बदबू महसूस होती है और खिलाड़ी ऐसे माहौल में मुकाबला कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शूटिंग रेंज नागोया शहर से काफी दूर है।

उनके मुताबिक, खिलाड़ियों का रोजाना काफी समय आने-जाने में खर्च हो रहा था। उन्होंने बसों के समय और यात्रा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि आने-जाने में करीब चार से पांच घंटे तक लग रहे थे।

राम किशन ने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए खिलाड़ियों की यात्रा और दूसरी व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से तैयार किया जाना चाहिए था।

राही सरनोबत के एक शॉट का भी किया जिक्र

मनु भाकर के पिता ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल टीम स्पर्धा में भारत के प्रदर्शन पर भी बात की। इस मुकाबले में मनु के साथ ईशा सिंह और राही सरनोबत भारतीय टीम का हिस्सा थीं।

राम किशन ने राही सरनोबत के एक शॉट का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भारतीय टीम पदक की स्थिति में थी, लेकिन एक शॉट में शून्य अंक मिलने से टीम को बड़ा नुकसान हुआ।

हालांकि, खेल में किसी एक घटना को पूरे परिणाम का अकेला कारण मानने के बजाय यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि टीम का अंतिम स्कोर कई सीरीज के प्रदर्शन से तय होता है।

25 मीटर पिस्टल में पांचवें स्थान पर रहा भारत

महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल टीम स्पर्धा में ईशा सिंह, मनु भाकर और राही सरनोबत की भारतीय टीम ने कुल 1727-56x का स्कोर बनाया और पांचवें स्थान पर रही। चीन ने 1743-68x के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि दक्षिण कोरिया ने 1735-65x के साथ रजत और चीनी ताइपे ने 1734-48x के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

राही के एक शॉट को लेकर हुई चर्चा के बीच यह भी उल्लेखनीय है कि भारतीय टीम चीन से 16 अंक पीछे रही और पदक की दौड़ में जगह नहीं बना सकी।

ईशा सिंह ने दिलाई भारत को राहत

टीम स्पर्धा में पदक से चूकने के बाद ईशा सिंह ने व्यक्तिगत 25 मीटर पिस्टल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने फाइनल में पहुंचकर रजत पदक अपने नाम किया। स्वर्ण पदक के लिए चीन की शूटर जियाओ जियारुईशुआन के खिलाफ शूट-ऑफ में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

वहीं, मनु भाकर 25 मीटर पिस्टल के व्यक्तिगत मुकाबले में फाइनल में जगह नहीं बना सकीं और उनका एशियन गेम्स अभियान बिना पदक के समाप्त हुआ।

डिस्क्लेमर: इस रिपोर्ट में आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर दिए गए आरोप राम किशन भाकर के सार्वजनिक बयान पर आधारित हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि उनके द्वारा उठाई गई आपत्तियों के रूप में पढ़ा जाना चाहिए।

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