शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 |

न्यूजीलैंड दौरे की टीम में 4 सीनियर खिलाड़ियों को नहीं मिली जगह, 2027 और 2028 वर्ल्ड कप पर मंडराया संकट

Triangle News

2 hours ago 14 views
न्यूजीलैंड दौरे की टीम में 4 सीनियर खिलाड़ियों को नहीं मिली जगह, 2027 और 2028 वर्ल्ड कप पर मंडराया संकट

भारतीय क्रिकेट टीम के न्यूजीलैंड दौरे के लिए वनडे और टेस्ट टीम के ऐलान के बाद कुछ अनुभवी खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। चयन में मोहम्मद शमी, रवींद्र जडेजा और युजवेंद्र चहल जैसे खिलाड़ियों की अनुपस्थिति ने उनके आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में खेलने की संभावनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, भुवनेश्वर कुमार की टी20 टीम में वापसी के बावजूद वनडे टीम से दूरी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

भारत का न्यूजीलैंड दौरा 22 अक्टूबर से शुरू होने वाला है। इस दौरे पर टी20, वनडे और टेस्ट मुकाबले खेले जाने हैं। आगामी वनडे विश्व कप 2027 और टी20 विश्व कप 2028 को देखते हुए टीम चयन को भविष्य की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, किसी खिलाड़ी को एक सीरीज में जगह नहीं मिलने का मतलब यह नहीं है कि उसका अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त हो गया है।

1. मोहम्मद शमी की वापसी का इंतजार

तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का नाम भारतीय क्रिकेट के अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल है। उन्होंने वनडे विश्व कप में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया है और टूर्नामेंट के इतिहास में भारतीय गेंदबाजों के बीच सर्वाधिक विकेट लेने वालों में शीर्ष पर हैं।

न्यूजीलैंड दौरे की वनडे टीम में जगह नहीं मिलने के बाद उनकी वापसी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शमी ने घरेलू क्रिकेट में अपनी उपयोगिता दिखाने की कोशिश की है। रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबले में पांच विकेट लेने के बाद भी राष्ट्रीय टीम में चयन नहीं होने से उनके प्रशंसकों को निराशा हुई है।

2027 वनडे विश्व कप के लिए अब टीम प्रबंधन को गेंदबाजी संयोजन और खिलाड़ियों की फिटनेस पर ध्यान देना होगा। शमी का अनुभव टीम के लिए उपयोगी हो सकता है, लेकिन उनकी वापसी चयनकर्ताओं की योजनाओं और आने वाले मैचों में प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।

2. रवींद्र जडेजा के वनडे भविष्य पर चर्चा

रवींद्र जडेजा लंबे समय से भारतीय टीम के प्रमुख ऑलराउंडर रहे हैं। उनकी गेंदबाजी, उपयोगी बल्लेबाजी और शानदार क्षेत्ररक्षण टीम को संतुलन प्रदान करते हैं। इसके बावजूद न्यूजीलैंड दौरे की वनडे टीम में उनका नाम नहीं होने से आगामी विश्व कप की तैयारियों में उनकी भूमिका को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।

टीम में नमन धीर जैसे खिलाड़ियों को अवसर मिलने से ऑलराउंडर की भूमिका के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। हालांकि, किसी नए खिलाड़ी को मौका मिलना इस बात का प्रमाण नहीं है कि जडेजा की जगह स्थायी रूप से किसी दूसरे खिलाड़ी ने ले ली है।

जडेजा का अनुभव और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें मजबूत दावेदार बनाए रख सकती है। आने वाले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उनका प्रदर्शन भविष्य की संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है।

3. युजवेंद्र चहल की टीम में वापसी आसान नहीं

लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारत के लिए कई यादगार प्रदर्शन कर चुके हैं। उनकी गेंदों में विविधता और बीच के ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता उन्हें उपयोगी स्पिनर बनाती है।

हालांकि, राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी को लेकर स्थिति चुनौतीपूर्ण दिखाई देती है। न्यूजीलैंड दौरे के लिए वनडे टीम में चयन नहीं होने के कारण उनके आगामी बड़े टूर्नामेंटों में खेलने की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है।

चहल की वापसी के लिए उन्हें चयनकर्ताओं का भरोसा जीतना होगा। इसके अलावा टीम में स्पिन गेंदबाजों के संयोजन, दूसरे खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टीम की रणनीति का भी असर पड़ेगा। फिलहाल उनके अंतरराष्ट्रीय करियर को समाप्त मान लेना जल्दबाजी होगी।

4. भुवनेश्वर कुमार की टी20 में वापसी, वनडे में मौका नहीं

तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की टी20 टीम में वापसी उनके प्रशंसकों के लिए सकारात्मक संकेत हो सकती है। स्विंग गेंदबाजी के लिए पहचाने जाने वाले भुवनेश्वर नई गेंद से बल्लेबाजों को परेशान करने की क्षमता रखते हैं।

हालांकि, वनडे टीम में उन्हें जगह नहीं मिलने से उनके 50 ओवर के क्रिकेट में भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। टी20 और वनडे प्रारूपों की जरूरतें अलग होती हैं, इसलिए किसी खिलाड़ी का एक प्रारूप में चयन होना दूसरे प्रारूप में वापसी की गारंटी नहीं देता।

भुवनेश्वर के लिए वनडे टीम में जगह बनाने की संभावनाएं उनके प्रदर्शन, फिटनेस और चयनकर्ताओं की जरूरतों पर निर्भर करेंगी। ऐसे में यह कहना उचित नहीं होगा कि उनका वनडे करियर पूरी तरह समाप्त हो चुका है।

न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारत की वनडे टीम

दौरे के लिए घोषित टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ नए चेहरों को भी अवसर दिया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शुरुआती तीन वनडे के लिए शुभमन गिल को कप्तानी और श्रेयस अय्यर को उपकप्तानी की जिम्मेदारी दी गई है।

पहले तीन वनडे के लिए घोषित टीम:

शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, अंशुल कंबोज, गुरनूर बराड़, रुतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, ईशान किशन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव।

आखिरी दो वनडे के लिए घोषित टीम:

श्रेयस अय्यर (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, तिलक वर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर और उपकप्तान), नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, औकिब नबी, गुरनूर बराड़, रुतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, यश ठाकुर और कुलदीप यादव।

क्या इन खिलाड़ियों के लिए विश्व कप के दरवाजे बंद हो गए हैं?

न्यूजीलैंड दौरे के लिए चयन में जगह नहीं मिलना इन चारों खिलाड़ियों के लिए चुनौती जरूर है, लेकिन इसे उनके करियर का अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। विश्व कप से पहले खिलाड़ियों के प्रदर्शन, फिटनेस, उपलब्धता और टीम की जरूरतों के आधार पर चयन में बदलाव संभव हैं।

मोहम्मद शमी का अनुभव, जडेजा का ऑलराउंड प्रदर्शन, चहल की स्पिन गेंदबाजी और भुवनेश्वर की स्विंग गेंदबाजी अब भी उनकी प्रमुख खूबियां हैं। आने वाले महीनों में ये खिलाड़ी कैसा प्रदर्शन करते हैं और चयनकर्ता किस तरह की टीम तैयार करते हैं, इससे उनके भविष्य की तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी।

शेयर करें