1 नवंबर से बदलेगी श्रीरामलला की पूजा और दर्शन की दिनचर्या, सुबह 4 बजे खुलेंगे मंदिर के पट
Triangle News
रिपोर्ट: शेखर
अयोध्या, 2026। श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में विराजमान प्रभु श्रीरामलला की पूजा, आरती, भोग, विश्राम और दर्शन की समय-सारणी में ऋतु परिवर्तन के मद्देनजर बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था रविवार, 1 नवंबर 2026 से लागू होगी। इसके तहत मंदिर के पट सुबह 4 बजे खुलेंगे और रात्रि 10 बजे बंद होंगे।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नई समय-सारणी में मंगला आरती सुबह 4:30 बजे और श्रृंगार आरती सुबह 6:30 बजे होगी। श्रद्धालुओं के लिए दर्शन सुबह 7 बजे से शुरू होंगे। वहीं, प्रातःकालीन बालभोग का समय सुबह 8 बजे से 8:10 बजे तक निर्धारित किया गया है।
दोपहर में विश्राम, फिर शुरू होंगे दर्शन
नई व्यवस्था के अनुसार, मध्याह्न विश्राम का समय दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक रहेगा। इसके बाद श्रद्धालु दोपहर 1:35 बजे से पुनः श्रीरामलला के दर्शन कर सकेंगे। संध्या आरती का समय शाम 7 बजे निर्धारित किया गया है।
रात में पहले होगी शयन आरती
समय-सारणी में रात्रिकालीन व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। शयन आरती अब रात 9:30 बजे होगी, जबकि मंदिर के पट रात 10 बजे बंद कर दिए जाएंगे। वर्तमान व्यवस्था में पट रात 10:30 बजे बंद होते हैं।
श्रीरामलला दर्शन की नई समय-सारणी
- पट खुलना: सुबह 4:00 बजे
- मंगला आरती: सुबह 4:30 बजे
- श्रृंगार आरती: सुबह 6:30 बजे
- श्रद्धालुओं के दर्शन: सुबह 7:00 बजे से
- बालभोग: सुबह 8:00 से 8:10 बजे तक
- मध्याह्न विश्राम: दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक
- दर्शन पुनः प्रारंभ: दोपहर 1:35 बजे
- संध्या आरती: शाम 7:00 बजे
- शयन आरती: रात 9:30 बजे
- पट बंद: रात 10:00 बजे
ऋतु परिवर्तन के अनुरूप की गई इस व्यवस्था के लागू होने के बाद अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन और आरती के लिए नई समय-सारणी का ध्यान रखना होगा। दर्शन के लिए निकलने से पहले नवीनतम आधिकारिक सूचना की पुष्टि करना उचित रहेगा।
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