यूपी पुलिस में बड़े पैमाने पर तबादलों की तैयारी, 20 से अधिक IPS अफसरों समेत करीब 2 हजार पुलिसकर्मी होंगे प्रभावित; पिछले चुनाव से अब तक की तैनाती का ब्योरा तैयार
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विशेष रिपोर्ट
अनुराग सिंह बिष्ट
Triangle News Lucknow | सच के साथ, सबसे आगे…
उत्तर प्रदेश/लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में बड़े पैमाने पर तबादलों की तैयारी शुरू हो गई है। आगामी चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत डीजीपी मुख्यालय ने प्रदेश के सभी पुलिस कमिश्नरेट और जिलों से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती का विस्तृत ब्योरा मांगा है।
इस कवायद में खास तौर पर उन पुलिसकर्मियों की सूची तैयार की जा रही है, जो पिछले चुनाव से अब तक संबंधित जिलों में तैनात रहे हैं। इसके साथ ही एक ही जिले में तीन साल या उससे अधिक समय से तैनात पुलिसकर्मियों का भी रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि प्रस्तावित तबादला सूची में 20 से अधिक आईपीएस रैंक के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो सकते हैं। वहीं सिपाही, मुख्य आरक्षी, दरोगा, इंस्पेक्टर, सीओ से लेकर एडिशनल एसपी स्तर तक के करीब 2 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती बदले जाने की तैयारी है।
पिछले चुनाव से अब तक की तैनाती का रिकॉर्ड तलब
डीजीपी मुख्यालय की स्थापना शाखा ने सभी जिलों से निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट मांगी है। इसमें पुलिसकर्मियों की वर्तमान तैनाती के साथ पिछले चुनाव के दौरान उनकी तैनाती का विवरण भी जुटाया जा रहा है।
चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित कार्यकाल पूरा कर चुके अधिकारियों और कर्मचारियों को चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों वाले जिलों से हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
गृह जिले में तैनात पुलिसकर्मी भी दायरे में
अपने गृह जिले में तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भी चिन्हित किया जा रहा है। चुनाव के दौरान स्थानीय प्रभाव और संभावित पक्षपात की आशंका को दूर रखने के उद्देश्य से ऐसे कर्मियों के स्थानांतरण पर भी विचार किया जाएगा।
शिकायतों वाले पुलिसकर्मियों पर भी नजर
डीजीपी मुख्यालय ने गंभीर या विशिष्ट शिकायतों का सामना कर रहे पुलिसकर्मियों का विवरण भी मांगा है। जिन अधिकारियों या कर्मचारियों पर किसी राजनीतिक दल के प्रति झुकाव, पूर्वाग्रह अथवा पक्षपातपूर्ण रवैये के आरोप हैं, उन्हें चुनावी जिम्मेदारियों से अलग रखने की व्यवस्था की जा सकती है।
ऐसे पुलिसकर्मियों को गैर-चुनावी शाखाओं में स्थानांतरित किए जाने का प्रावधान है।
अब रिपोर्ट के आधार पर तय होगी तबादला सूची
सभी जिलों और पुलिस कमिश्नरेट से प्राप्त होने वाले विवरण के आधार पर डीजीपी मुख्यालय आगे की कार्रवाई करेगा। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य चुनावी व्यवस्था में निष्पक्षता बनाए रखना और पुलिस प्रशासन को चुनाव आयोग के निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार करना है।
फिलहाल प्रस्तावित तबादलों को लेकर पुलिस महकमे में हलचल तेज है। अब सबकी नजरें डीजीपी मुख्यालय से जारी होने वाली अंतिम सूची पर टिकी हैं।
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