सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 |

कोलकाता दुर्गा पूजा दुर्घटना पर TMC-कांग्रेस-CPIM एकजुट, ज्ञापन देकर उठाई मुआवजे की मांग

Triangle News

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कोलकाता दुर्गा पूजा दुर्घटना पर TMC-कांग्रेस-CPIM एकजुट, ज्ञापन देकर उठाई मुआवजे की मांग

कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल से जुड़ी घटना के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC), कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPIM के प्रतिनिधिमंडलों ने गिरिश पार्क पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इन दलों ने प्रभावित परिवारों को जल्द मुआवजा देने और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग उठाई।

प्रभावित परिवारों को जल्द मिले मुआवजा

CPIM नेता शतरूप घोष ने कहा कि इस मामले में उनकी प्रमुख रूप से दो मांगें हैं। पहली मांग यह है कि सरकार की ओर से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के लिए घोषित मुआवजे की राशि बिना देरी के उन तक पहुंचाई जाए, ताकि मुश्किल समय में उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके।

दूसरी मांग घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई से जुड़ी है। शतरूप घोष के मुताबिक, इस मामले में जिन लोगों की गलती या लापरवाही सामने आती है, उन्हें किसी भी स्थिति में बचाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो और दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कदम उठाए जाएं।

पूजा कमेटी पर BJP के प्रभाव का लगाया आरोप

शतरूप घोष ने आरोप लगाया कि संबंधित दुर्गा पूजा समिति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई नेताओं और विधायकों का प्रभाव है। उनका दावा है कि पहले इस पूजा समिति का संचालन दूसरे लोगों के हाथों में था, लेकिन पिछले चुनाव के बाद बीते तीन से चार महीनों के दौरान समिति की व्यवस्था में बदलाव हुआ और BJP से जुड़े लोगों ने इसका नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया।

उन्होंने कहा कि समिति के प्रमुख पदों पर BJP से जुड़े लोगों के होने के कारण कार्रवाई की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, समिति के नियंत्रण और राजनीतिक जिम्मेदारी को लेकर लगाए गए ये आरोप CPIM नेता के दावे हैं।

छोटे कार्यकर्ताओं तक सीमित न रहे कार्रवाई

CPIM नेता ने आशंका जताई कि घटना के मामले में कार्रवाई केवल निचले स्तर के कार्यकर्ताओं या स्वयंसेवकों तक सीमित रह सकती है। उनके अनुसार, ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए जिसमें कुछ लोगों की गिरफ्तारी के बाद मामला आगे बढ़ने के बजाय समाप्त हो जाए और कथित रूप से जिम्मेदार प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कोई कदम न उठाया जाए।

उन्होंने मांग की कि जांच के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की पड़ताल की जाए। यदि किसी वरिष्ठ नेता, आयोजक या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है, तो उसके पद और राजनीतिक प्रभाव को ध्यान में रखे बिना कार्रवाई होनी चाहिए।

सभी जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग

शतरूप घोष ने कहा कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा देना जरूरी है, लेकिन केवल आर्थिक सहायता देकर घटना से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए यह भी जरूरी है कि हादसे के कारणों की जांच हो और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए।

TMC, कांग्रेस और CPIM के प्रतिनिधिमंडलों की ओर से पुलिस को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग सामने आई है। अब इस प्रकरण में जांच के निष्कर्षों और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर नजर रहेगी। घटना में जिन लोगों की वास्तविक भूमिका या लापरवाही साबित होती है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करना ही इस मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करने का अहम कदम होगा।

डिस्क्लेमर: इस खबर में राजनीतिक नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों को उनके बयानों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही संबंधित जिम्मेदारियों पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।

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