सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 |

दिल्ली की लव कुश रामलीला में भीड़ पर रहेगी नजर, एक लाख दर्शक होते ही बंद कर दिए जाएंगे गेट

Triangle News

5 hours ago 17 views
दिल्ली की लव कुश रामलीला में भीड़ पर रहेगी नजर, एक लाख दर्शक होते ही बंद कर दिए जाएंगे गेट

दिल्ली के लाल किला मैदान में आयोजित लव कुश रामलीला में दर्शकों की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना के बाद रामलीला कमेटी ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। दशहरे के दिन अधिक भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए फैसला लिया गया है कि मैदान में दर्शकों की संख्या एक लाख पहुंचते ही प्रवेश रोक दिया जाएगा।

इसके अलावा निगरानी के लिए अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए अधिक मार्शल तैनात किए गए हैं। आयोजकों का उद्देश्य रामलीला देखने आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भीड़ के कारण किसी अप्रिय घटना की आशंका को कम करना है।

एक लाख दर्शक पहुंचते ही एंट्री पर लगेगी रोक

लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार के मुताबिक, कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए कमेटी के पदाधिकारियों की आपात बैठक बुलाई गई थी। बैठक में रामलीला स्थल पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की गई और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए।

कमेटी ने तय किया है कि दशहरे के दिन लाल किला मैदान में दर्शकों की संख्या एक लाख तक पहुंचने पर नए लोगों का प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। इससे मैदान में जरूरत से ज्यादा भीड़ जमा होने से रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।

दर्शकों की सुविधा के लिए मैदान के बाहर भी एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं। इसके जरिए उन लोगों को रामलीला देखने का अवसर मिल सकेगा, जिन्हें अधिक भीड़ के कारण मैदान के भीतर प्रवेश नहीं मिल पाएगा।

सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी, अतिरिक्त मार्शल रहेंगे तैनात

रामलीला स्थल की सुरक्षा मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनके माध्यम से परिसर के विभिन्न हिस्सों पर नजर रखी जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने और जरूरत पड़ने पर लोगों की मदद करने के लिए अतिरिक्त मार्शल भी तैनात किए गए हैं।

इसके साथ ही प्रवेश द्वारों के पास रेत की बोरियां और आग बुझाने वाले सिलेंडर रखे गए हैं, ताकि आपात स्थिति में तुरंत कदम उठाए जा सकें। आयोजकों ने सुरक्षा संबंधी तैयारियों में अग्निशमन व्यवस्था को भी शामिल किया है।

एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था

किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली सरकार की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। वहीं, दिल्ली फायर ब्रिगेड की तरफ से फायर टेंडर उपलब्ध कराने का इंतजाम किया गया है।

इन व्यवस्थाओं का मकसद जरूरत पड़ने पर घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना और आग लगने जैसी स्थिति में तुरंत कार्रवाई करना है। बड़े आयोजन में चिकित्सा और अग्निशमन सेवाओं की उपलब्धता को सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दशहरे पर दो प्रमुख सड़कों पर बंद रहेगी वाहनों की आवाजाही

रामलीला के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी विशेष योजना तैयार की गई है। आयोजकों और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच चर्चा के बाद दशहरे के दिन नेताजी सुभाष मार्ग और लाल किला मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोकने का फैसला लिया गया है।

इन सड़कों पर यातायात प्रतिबंध का उद्देश्य रामलीला स्थल के आसपास भीड़ और वाहनों के दबाव को कम करना है। इसके लिए अतिरिक्त ट्रैफिक मार्शल भी तैनात किए गए हैं, जो यातायात प्रबंधन में सहयोग करेंगे।

भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान

कोलकाता की घटना के बाद दिल्ली में आयोजित बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। लाल किला मैदान में लव कुश रामलीला के आयोजकों ने प्रवेश सीमा तय करने, निगरानी बढ़ाने, आपात सेवाओं की व्यवस्था करने और यातायात नियंत्रित करने जैसे कदम उठाए हैं।

कमेटी की ओर से किए गए इन इंतजामों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बड़ी संख्या में आने वाले दर्शक सुरक्षित तरीके से रामलीला का आनंद ले सकें। दशहरे के दिन भीड़ की स्थिति के अनुसार प्रवेश नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की भूमिका अहम रहने वाली है।

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