शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 |

म्यांमार से भारत तक ड्रग्स तस्करी नेटवर्क पर ED की कार्रवाई, 4.76 करोड़ रुपये अटैच

Triangle News

2 weeks ago 204 views
म्यांमार से भारत तक ड्रग्स तस्करी नेटवर्क पर ED की कार्रवाई, 4.76 करोड़ रुपये अटैच

म्यांमार से भारत में मादक पदार्थों की कथित तस्करी और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी के आइजोल सब-जोनल कार्यालय ने 28 सितंबर 2026 को जारी प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत 22 बैंक खातों में मौजूद करीब 4.76 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, यह रकम ड्रग्स की अवैध तस्करी से जुड़े लेनदेन के जरिए हासिल अपराध की आय (Proceeds of Crime) है।

ED की यह जांच नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), अगरतला जोनल यूनिट की ओर से दर्ज मामले के आधार पर शुरू हुई। इस मामले की मूल कार्रवाई के दौरान 21 अगस्त 2025 को मिजोरम में Keifang और Seling के बीच एक संयुक्त अभियान चलाया गया था। इस दौरान 49.101 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट और 40 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी।

जांच में सामने आया संगठित तस्करी नेटवर्क

जांच एजेंसियों के मुताबिक, मामले की पड़ताल के दौरान अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक संगठित ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का पता चला। आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए म्यांमार से मादक पदार्थ भारत में लाए जाते थे और इसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद लोगों तक पहुंचाए जाते थे।

सीमा पार से मिजोरम पहुंचता था नशे का सामान

जांच के अनुसार, मादक पदार्थों की खेप कथित तौर पर म्यांमार से भारत-म्यांमार सीमा पार कर मिजोरम लाई जाती थी। इसके बाद स्थानीय स्तर पर मौजूद कोऑर्डिनेटर, ट्रांसपोर्टर और एस्कॉर्ट वाहनों की मदद से इन्हें दूसरे राज्यों में मौजूद रिसीवरों और हैंडलरों तक पहुंचाने का आरोप है।

जांच में म्यांमार स्थित कथित सप्लायरों और भारत में काम कर रहे नेटवर्क के बीच समन्वय की भूमिका भी सामने आने की बात कही गई है।

हवाला के जरिए पैसों के लेनदेन का आरोप

ED के मुताबिक, ड्रग्स की बिक्री से हासिल रकम को अलग-अलग लोगों और कारोबारी संस्थाओं के बैंक खातों के जरिए इकट्ठा करने और आगे ट्रांसफर करने की व्यवस्था बनाई गई थी। जांच में हवाला नेटवर्क के माध्यम से रकम की प्राप्ति, ट्रांसफर और सेटलमेंट किए जाने की बात भी सामने आई है।

एजेंसी के अनुसार, कई बैंक खातों में लगातार बड़ी रकम जमा की गई। इनमें बार-बार नकद जमा करने, थोड़े समय के भीतर रकम को दूसरे खातों में भेजने और खाताधारकों द्वारा घोषित कारोबार की तुलना में असामान्य वित्तीय गतिविधियां दर्ज की गईं।

म्यांमार निवासी चिटुआंग पर मुख्य भूमिका का आरोप

जांच के दौरान म्यांमार निवासी थांगचिनतुआंग उर्फ चिटुआंग की कथित तौर पर नेटवर्क में अहम भूमिका सामने आई। ED के अनुसार, वह म्यांमार से भारत तक ड्रग्स की खरीद, सप्लाई, परिवहन और उससे जुड़ी रकम के सेटलमेंट की प्रक्रिया में शामिल था।

NCB ने उसे मई 2026 में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे सेंट्रल जेल, आइजोल में रखा गया। जांच के दौरान दिए गए उसके कथित बयान में म्यांमार से हेरोइन और मेथामफेटामाइन की खरीद और सप्लाई में अपनी भूमिका का उल्लेख किया गया। उसने यह भी दावा किया कि उसके सहयोगियों ने वही खेप भारत में पहुंचाई थी, जिसे 21 अगस्त 2025 को NCB ने बरामद किया था।

पूछताछ और बैंक रिकॉर्ड से पैसों की कड़ी खंगाली गई

ED के अनुसार, चिटुआंग से पूछताछ में ड्रग्स की खरीद से लेकर भारत-म्यांमार सीमा के दुर्गम इलाकों से उनके परिवहन और भारतीय रिसीवरों तक डिलीवरी की कथित प्रक्रिया के बारे में जानकारी मिली। इसके साथ ही ड्रग्स से हासिल रकम को अलग-अलग खातों के जरिए व्यवस्थित करने की जानकारी भी जांच में सामने आई।

बताया गया है कि पूछताछ के दौरान कुछ भारतीय बैंक खातों की जानकारी भी सामने आई, जिनका कथित तौर पर रकम प्राप्त करने और फिर उसे अन्य खातों में भेजने के लिए इस्तेमाल किया गया।

बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच में कई खातों के बीच बड़े ट्रांजेक्शन, नकद जमा और रकम को तेजी से दूसरे खातों में ट्रांसफर किए जाने जैसी गतिविधियों का पता चलने की बात ED ने कही है।

4.76 करोड़ रुपये की रकम प्रोविजनली अटैच

जांच एजेंसी ने बैंकिंग लेनदेन की पड़ताल के आधार पर फिलहाल 4,76,51,149 रुपये की रकम को कथित अपराध से अर्जित आय के रूप में चिन्हित किया है। इस रकम को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) की धारा 5(1) के तहत प्रोविजनली अटैच किया गया है।

ED के मुताबिक, इस कार्रवाई का उद्देश्य कथित अपराध की आय को छिपाने, दूसरे स्थान पर ट्रांसफर करने या उसका निपटारा किए जाने से रोकना है।

पहले भी 3.42 करोड़ रुपये किए गए थे फ्रीज

इस मामले में इससे पहले भी ED की कार्रवाई हो चुकी है। PMLA की धारा 17 के तहत की गई तलाशी के दौरान आरोपियों और कथित लाभार्थियों से जुड़े अलग-अलग बैंक खातों में करीब 3.42 करोड़ रुपये पाए गए थे। एजेंसी ने इस रकम को PMLA की धारा 17(1A) के तहत फ्रीज किया था।

ED के मुताबिक, पहले फ्रीज की गई करीब 3.42 करोड़ रुपये की रकम और अब प्रोविजनली अटैच किए गए 4.76 करोड़ रुपये को मिलाकर इस मामले में अब तक लगभग 8.19 करोड़ रुपये की राशि को सुरक्षित किया जा चुका है। मामले में मनी लॉन्ड्रिंग और कथित ड्रग्स तस्करी से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है।

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