मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 |

राजस्थान की खूबसूरत वादियों में बिताएं सुकून के पल, बेरा की लेपर्ड सफारी और जवाई बांध जरूर घूमें

Triangle News

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राजस्थान की खूबसूरत वादियों में बिताएं सुकून के पल, बेरा की लेपर्ड सफारी और जवाई बांध जरूर घूमें

राजस्थान का नाम आते ही लोगों के मन में रेगिस्तान, किले और भव्य महलों की तस्वीर उभरने लगती है। लेकिन अगर आप भीड़भाड़ से दूर प्राकृतिक नजारों के बीच समय बिताना चाहते हैं, तो पाली जिले का बेरा और जवाई क्षेत्र एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यहां की ग्रेनाइट पहाड़ियां, शांत जलाशय और वन्यजीव इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए खास बनाते हैं।

बेरा खास तौर पर तेंदुओं के प्राकृतिक आवास के लिए जाना जाता है। यहां स्थानीय गाइडों के साथ खुली जीप में सफारी करके पहाड़ियों और आसपास के जंगलनुमा इलाके को करीब से देखने का मौका मिलता है। बजट में यात्रा की योजना बनाने वालों के लिए यहां ठहरने और सफारी के अलग-अलग विकल्प उपलब्ध हैं।

बेरा क्यों है खास?

बेरा, राजस्थान के पाली जिले में जवाई बांध और अरावली क्षेत्र की चट्टानी पहाड़ियों के आसपास स्थित है। यहां का प्राकृतिक वातावरण दूसरे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों से अलग अनुभव देता है। ऊबड़-खाबड़ ग्रेनाइट चट्टानों के बीच तेंदुओं का रहना इस इलाके की प्रमुख पहचान है।

यहां की यात्रा केवल वन्यजीव देखने तक सीमित नहीं है। शांत ग्रामीण परिवेश, पहाड़ियों के खूबसूरत दृश्य और जलाशय के आसपास का नजारा भी पर्यटकों को आकर्षित करता है। अगर आप प्रकृति के बीच आराम से समय बिताना चाहते हैं, तो बेरा को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

स्थानीय गाइड के साथ लें लेपर्ड सफारी का अनुभव

बेरा और जवाई क्षेत्र में सफारी के दौरान स्थानीय गाइड पर्यटकों को तेंदुओं के प्राकृतिक आवास और आसपास के भूगोल से परिचित कराते हैं। खुली जीप से चट्टानी पहाड़ियों के बीच घूमना इस यात्रा का खास आकर्षण है। यहां तेंदुओं के अलावा सियार, लकड़बग्घे, जंगल कैट और कई तरह के पक्षियों को देखने की संभावना भी रहती है।

हालांकि, सफारी के दौरान किसी वन्यजीव के दिखाई देने की गारंटी नहीं होती। मौसम, जानवरों की गतिविधियों और स्थानीय नियमों के अनुसार अनुभव अलग-अलग हो सकता है। एक जरूरी बात यह भी है कि जवाई में सफारी आम तौर पर सुबह या शाम के समय आयोजित की जाती है। इसलिए रात में जंगल सफारी की योजना बनाने से पहले स्थानीय ऑपरेटर से समय, अनुमति और उपलब्धता की पुष्टि कर लें।

बजट का हिसाब लगाने के लिए सफारी की कीमत पहले पूछना बेहतर रहेगा। खर्च जीप, उसमें बैठने वाले लोगों की संख्या, सीजन और चुने गए पैकेज के अनुसार बदल सकता है।

होमस्टे और कैंप में रुकने का विकल्प

बेरा और जवाई के आसपास ठहरने के लिए अलग-अलग बजट के विकल्प मिल सकते हैं। महंगे रिसॉर्ट या लग्जरी टेंट के बजाय स्थानीय होमस्टे और साधारण गेस्टहाउस चुनकर यात्रा का खर्च कम रखने की कोशिश की जा सकती है।

कुछ जगहों पर कैंपिंग, खुले वातावरण में भोजन और स्थानीय राजस्थानी व्यंजनों का अनुभव भी मिलता है। हालांकि, कमरे का किराया और सुविधाएं हर ठहरने की जगह पर अलग होती हैं। इसलिए बुकिंग से पहले कमरे की उपलब्धता, भोजन, सफारी ट्रांसफर और अन्य सुविधाओं की जानकारी जरूर लें।

जवाई बांध और आसपास के प्राकृतिक नजारे देखें

जवाई बांध इस क्षेत्र के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। जलाशय के आसपास पक्षियों और मगरमच्छों को देखने का अवसर मिल सकता है। पहाड़ियों और पानी के मेल से यहां का दृश्य खास बन जाता है, इसलिए प्रकृति और फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए यह जगह दिलचस्प है।

आप अपनी यात्रा में जलाशय के आसपास का नजारा देखने, पक्षियों को निहारने और स्थानीय गांवों के परिवेश को समझने के लिए समय निकाल सकते हैं। वन्यजीवों को देखने के दौरान सुरक्षित दूरी बनाए रखें और गाइड के निर्देशों का पालन करें।

बेरा कैसे पहुंचें?

हवाई मार्ग: जवाई क्षेत्र तक पहुंचने के लिए उदयपुर का महाराणा प्रताप एयरपोर्ट और जोधपुर एयरपोर्ट विकल्प हैं। आगे की यात्रा के लिए टैक्सी या पहले से तय किए गए ट्रांसफर की मदद ली जा सकती है। दूरी आपके चुने हुए ठहरने के स्थान के अनुसार अलग हो सकती है।

रेल मार्ग: जवाई बांध और फालना रेलवे स्टेशन इस क्षेत्र के लिए उपयोगी विकल्प हैं। ट्रेन से पहुंचने के बाद स्थानीय टैक्सी या पहले से बुक किए गए वाहन से बेरा और आसपास के ठहरने के स्थान तक जाया जा सकता है।

सड़क मार्ग: राजस्थान के प्रमुख शहरों से जवाई क्षेत्र तक सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है। यात्रा शुरू करने से पहले अपने ठहरने के स्थान का सही पता और वहां तक पहुंचने की व्यवस्था तय कर लें।

यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यान

  • सफारी की बुकिंग, समय और कीमत पहले से स्थानीय ऑपरेटर से कन्फर्म करें।

  • तेंदुए या दूसरे वन्यजीवों को देखने की गारंटी मानकर न चलें।

  • रात की सफारी उपलब्ध है या नहीं, इसकी पुष्टि जरूर करें।

  • ठहरने की जगह चुनते समय सफारी और रेलवे स्टेशन तक पहुंचने का खर्च भी जोड़ें।

  • वन्यजीवों से दूरी बनाए रखें और उन्हें खाना खिलाने या परेशान करने से बचें।

अगर आप राजस्थान में महलों और भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थलों से अलग अनुभव चाहते हैं, तो बेरा और जवाई क्षेत्र की पहाड़ियां, जलाशय और वन्यजीव सफारी आपकी अगली यात्रा के लिए एक अच्छा विकल्प बन सकते हैं।

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