शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 |

शिवाजी इंटर कॉलेज मामले में डिप्टी सीएम का हस्तक्षेप, तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

Triangle News

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शिवाजी इंटर कॉलेज मामले में डिप्टी सीएम का हस्तक्षेप, तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

कौशांबी: नेवादा क्षेत्र के शिवाजी इंटर कॉलेज में छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन और विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर सामने आए विवाद ने अब शासन स्तर पर भी ध्यान खींचा है। मामले की जानकारी मिलने के बाद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन अधिकारियों की समिति गठित की गई है।

मामला विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों और इसके विरोध में हुए प्रदर्शन से संबंधित है। प्रदर्शन के बाद चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान हर्षित दुबे, अंकित सिंह, अविनाश यादव और विक्रम सिंह की भूमिका सामने आई। पुलिस ने इन चारों को विद्यालय के बाहरी व्यक्ति बताते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने छात्रों को भड़काकर उन्हें स्कूल से बाहर ले जाने का प्रयास किया।

डिप्टी सीएम ने अधिकारियों से मांगी कार्रवाई

उप मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी निर्देश में जिला विद्यालय निरीक्षक, कौशांबी और माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को मामले में शीघ्र तथा विधिसम्मत कार्रवाई करने को कहा गया है। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विद्यार्थियों को विद्यालयों में आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए और उनके भविष्य के साथ किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि विद्यालयों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की नियमित निगरानी और निरीक्षण किया जाए। जहां भी कोई कमी मिले, वहां उसका तत्काल संज्ञान लेकर समाधान कराया जाए।

तीन अधिकारियों की समिति करेगी जांच

डिप्टी सीएम के निर्देश के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से प्रांतीय शिक्षा सेवा के तीन अधिकारियों की समिति बनाई गई है। यह समिति नेवादा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और पूरे प्रकरण की परिस्थितियों की जांच करेगी। जांच के दौरान शिकायतों, संबंधित कर्मचारियों की भूमिका और अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।

समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।

चार लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर

प्रकरण में पुलिस ने हर्षित दुबे, अंकित सिंह, अविनाश यादव और विक्रम सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान इन लोगों की संलिप्तता सामने आई थी। आरोप है कि उन्होंने स्कूली बच्चों को प्रदर्शन के लिए उकसाया और उन्हें विद्यालय से बाहर ले जाने का प्रयास किया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।

प्रधानाचार्य पर भी हुई कार्रवाई

विद्यालय की व्यवस्थाओं में लापरवाही सामने आने के बाद प्रधानाचार्य विजय प्रताप सिंह को हटाने की कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। उनके स्थान पर वरिष्ठ शिक्षक को प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी दिए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। वहीं एक शिक्षक को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से संबद्ध किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। फीस से संबंधित शिकायत की जांच के लिए भी विभागीय स्तर पर टीम गठित की गई है।

प्रदेश के स्कूलों की सुविधाओं की होगी निगरानी

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की नियमित समीक्षा की जाए। किसी स्कूल में विद्यार्थियों को जरूरी सुविधाओं की कमी मिलने पर समय रहते कार्रवाई और सुधार सुनिश्चित करने को कहा गया है।

शिवाजी इंटर कॉलेज का मामला अब विभागीय जांच के दायरे में है। तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट होगा कि प्रकरण में किन स्तरों पर जिम्मेदारी तय होती है और आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

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